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अयोध्या में एक साथ 5.5 लाख दीए जलाकर मनेगा दीपोत्सव, तैयारियां पूरी
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दरबार में दीपोत्सव मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि कोविड-19 की गॉइडलाइन के अनुसार दीपोत्सव का पर्व मनाया जायेगा।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने यहां बताया कि विभागों को यह निर्देश दिए गए हैं कि दीपोत्सव 11, 12 और 13 नवम्बर को आयोजित किया जाएगा। राम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला मंदिर निमार्ण के लिये भूमि पूजन के बाद होने जा रहे राम की पैड़ी में एक साथ साढ़े पांच लाख दिये जलाने का रिकार्ड भी गिनीज बुक में दर्ज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री रामकथा पार्क में भगवान राम व देवी जानकी समेत अनुज लक्ष्मण के स्वरूपों का स्वागत करेंगे व श्रीराम की राजतिलक भी करेंगे। तीन दिवसीय दीपोत्सव के मुख्य समारोह का आयोजन छोटी दीपावली 13 नवम्बर को होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीपोत्सव में भाग लेंगे। दीपोत्सव में दर्शकों का प्रवेश एक निश्चित दायरे तक ही हो सकेगी।
दीपोत्सव के लिये पर्यटन विभाग की ओर से राम की पैड़ी के मंदिरों व भवनों को एक रंग में रंगने का कार्य शुरू करा दिया गया है। राम की पैड़ी के सभी मंदिर व भवन नये सिरे से एक ही रंग में रंगने के बाद भव्य स्वरूप प्रस्तुत करेंगे। पैड़ी के घाटों व बुर्जों की भी मरम्मत कराकर उन्हें व्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य नहर में पानी चलने लगा है। आयोजन के उद्घाटन के लिये भी मंच का निमार्ण शुरू हो गया है। वहीं सरयू द्वार घाट पर मुख्यमंत्री समेत वीआईपी की ओर से माँ सरयू की आरती के लिये अस्थाई चबूतरा भी बनकर तैयार हो गया है।
दीपोत्सव में झांकियों की शोभा यात्रा निकाली जायेगी। इसमें 11 नवम्बर को भगवान राम के जीवन पर आधारित झांकी, 12 नवम्बर को रामकथा व 13 नवम्बर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इस बार फिर से दिये जलाने का विश्व रिकार्ड बनेगा जो गिनीज बुक में दर्ज किया जायेगा, जब सरयू के घाट पर पांच लाख इक्यावन हजार दिये जलाये जायेंगे। पिछले साल साढ़े चार लाख दिये जलाए गए थे।
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