होम कोरोना और प्रदूषण से डरे पेरेंट्स, अभी भी बच्चों को नहीं भेजना चाहते स्कूल
कोरोना और प्रदूषण से डरे पेरेंट्स, अभी भी बच्चों को नहीं भेजना चाहते स्कूल
दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. शुक्रवार को दिल्ली में कोरोना के 4000 से ज्यादा नए मरीज़ सामने आए और ऐसा पिछले 30 दिन में दिल्ली में पहली बार हुआ. एक तरफ कोरोना का खतरा बना हुआ है तो दूसरी तरफ हवा की बिगड़ती गुणवत्ता दिल्ली वालों का दम घोंट रही है.
कोरोना के बढ़ते मामलों और प्रदूषण को देखते हुए Delhi parents Association ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है, जिसमें वे मांग कर रहे हैं कि अनलॉक 6 में भी बच्चों के लिए स्कूलों को नहीं नहीं खोला जाए और इस सत्र को zero-academic year घोषित किया जाए.
96 प्रतिशत अभिभावक नहीं चाहते बच्चों को स्कूल भेजना
DPA की अध्यक्ष अपराजिता गौतम बताती हैं कि पेरेंट्स से राय ली गई, जिसमें से 96 प्रतिशत पेरेंट्स ने कहा कि हम बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते. करीब 2500 पेरेंट्स से हमने राय मांगी थी. पेरेंट्स से मिला यह फीडबैक हमने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को भेजा है.
दरअसल जुलाई के महीने में केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सेक्रेटरी एजुकेशन को एक आदेश दिया था कि सभी अभिभावकों से फीडबैक लिया जाए और 3 मुख्य बातों पर यह फीडबैक लिया जाये, जैसे- पेरेंट्स कब तक स्कूल खुलने में सहज हैं? स्कूलों के खुलने पर पेरेंट्स की स्कूल से क्या उम्मीदें हैं? अन्य कोई टिप्पणी?
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।