होम एलपीजी बाजारः 2030 में चीन से आगे निकलेगा भारत, दुनिया में नंबर एक
एलपीजी बाजारः 2030 में चीन से आगे निकलेगा भारत, दुनिया में नंबर एक
भारत एलपीजी रिहायशी क्षेत्र बाजार में 2030 तक चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का सबसे बड़ा खाना पकाने की गैस का बाजार बन सकता है।
शोध और परामर्श कंपनी वूड मैकिन्जी ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह कहा। रिपोर्ट में कहा गया है, ''घरों में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) मांग में वृद्धि सतत रूप से जारी रहेगी। इसके सालाना संचयी रूप से 3.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2030 तक 3.4 करोड़ टन के स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।
इसका कारण परिवार की औसत आय में वृद्धि और शहरी आबादी बढ़ने के साथ दीर्घकाल में लकड़ी समेत अन्य ठोस धुआं छोड़ने वाले ईंधन पर निर्भरता कम होगी।'' पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच सरकार निम्न आय वाले परिवार में लकड़ी और अन्य ईंधन के बजाए एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये योजना चला रही है।
सरकार निम्न आय वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये एलपीजी पर सब्सिडी मुहैया कर रही है। साथ ही गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार के लिये प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त एलपीजी स्टोव उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
देश भर में एलपीजी का दायरा 98 प्रतिशत पहुंच गया है
वूड मैकिन्जी के शोध विश्लेषक क्यूआई्रलिंग चेन ने कहा, ''हालांकि देश भर में एलपीजी का दायरा 98 प्रतिशत पहुंच गया है जो 2014 के मुकाबले 42 प्रतिशत अधिक है। लेकिन उसका उपयोग अभी भी कम है। नये कनेकशन जिस गति से दिये जा रहे हैं, उस दर से सालाना सिलिंडर को भराया नहीं जाता। औसत खपत मानक 12 सिलेंडर से नीचे बना हुआ है।'' सब्सिडी और शुरू में मुफ्त में एलपीजी स्टोव उपलब्ध कराने के बावजूद एलपीजी बायोमॉस के मुकाबले महंगी बनी हुई है।
चेन ने कहा, ''यह मान लिया जाए कि सरकार लगातार घरों में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी पर पूरे दशक सब्सिडी देती है, तो यह 2030 तक सालाना 5.7 अरब डॉलर पहुंच सकती है। उस समय तक यह रिहायशी क्षेत्र के लिये दुनिया के सबसे बड़े बाजार के रूप में इस मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा। फिलहाल चीन रिहायशी क्षेत्र के लिये दुनिया में सबसे बड़ा एलपीज मांग केंद्र है।''
छोटे शहरों में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस पहुंचाने में बाधा
मैकिन्जी ने कहा कि हालांकि बुनियादी ढांचा के अभाव से छोटे शहरों में पाइप के जरिये खाना पकाने की गैस पहुंचाने में बाधा है। साथ ही खुदरा पीएनजी की कीमतें एलपीजी की रियायती दरों के मुकाबले महंगी बनी हुई है। इससे पीएनजी 2030 से पहले तक एलपीजी की तुलना में कम आकर्षक विकल्प है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।