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हम चाहते हैं भारत बने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ग्लोबल हब : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर पांच दिवसीय वैश्विक वर्चुअल शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया. राइज 2020 सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में हमने अनुभव किया है कि प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता, सेवाओं की आपूर्ति में सुधार होता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस की कृषि, शहरी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन के तंत्र को और मजबूत करने में बहुत बड़ी भूमिका है लेकिन साथ ही सरकार से इतर पक्षों द्वारा इसके शस्त्रीकरण के खिलाफ विश्व को सुरक्षित रखना भी सुनिश्चित करना होगा.
पीएम मोदी ने कहा, 'हम भारत को आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस के केंद्र के रूप में देखना चाहते हैं. कई भारतीय इस दिशा में काम भी कर रहे हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि आने वाले दिनों में बहुत सारे लोग इससे जुड़ेंगे.'
आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस की कृषि, आपदा प्रबंधन में बड़ी भूमिका
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, 'मैं आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस की कृषि, शहरी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा प्रबंधन के तंत्र को और मजबूत करने में बहुत बड़ी भूमिका देखता हूं'
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा तकनीकी मंच बनाया जा रहा है जो ई-शिक्षा इकाई का निर्माण करेगा ताकि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल विषय-वस्तु और क्षमता को मजबूत करेगा.
विश्व को सुरक्षित रखना भी सुनिश्चित करना होगा
पीएम ने कहा, 'यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि कैसे आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होता है. गणित के सवालों को हल करने के नियमों की प्रणाली (एल्गोरिदम) की पारदर्शिता इस विश्वास को स्थापित करने की कुंजी है. हमें 'नॉन स्टेट एक्टर्स' द्वारा इसके शस्त्रीकरण के खिलाफ विश्व को सुरक्षित रखना भी सुनिश्चित करना होगा.'
चौंकाने वाले परिणाम दे सकता आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस का टीम वर्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि मानव जाति के साथ आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस का टीम वर्क पृथ्वी के लिए चौंकाने वाले परिणाम दे सकता है.
मोदी ने आज आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (एआई) पर पांच दिवसीय वैश्विक डिजिटल शिखर सम्मेलन 'रिस्पांसिबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर सोशल एम्पावरमेंट' (Raise 2020) के उद्घाटन के अवसर पर यह बातें कहीं.
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