होम मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले की सुनवाई 30 सितंबर को,
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मामले की सुनवाई 30 सितंबर को,
उत्तर प्रदेश (Uttarpradesh) के मथुरा जनपद की अदालत में शुक्रवार को दाखिल किए गए श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित मामले की सुनवाई अब बुधवार को की जाएगी। इस बीच शुक्रवार को मामला दाखिल किए जाने के बाद शनिवार से मंदिर ईदगाह परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। अदालत में भी आज भारी पुलिस तैनात रही।
वाद किया दायर
गौरतलब है कि लखनऊ निवासी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री एवं पांच अन्य ने स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण का परमभक्त बताते हुए उनकी ओर से सिविल जज छाया शर्मा की अदालत में वाद दायर किया है। इसमें कहा गया है कि वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने मंदिर के परिसर में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद की प्रबंध समिति के साथ जो समझौता किया था, वह कानूनी रूप से गैरवाजिब है क्योंकि, सेवा संस्थान जब उक्त 13.37 एकड़ भूमि का मालिक ही नहीं था तो उसे किसी व्यक्ति अथवा संस्था के साथ इस प्रकार कोई भी करार करने का अधिकार नहीं था। यह समझौता अदालत द्वारा 20 जुलाई 1973 को डिक्री किया गया था।
शाही ईदगाह को भूमि को मुक्त कराने की बात
वादियों द्वारा याचिका में इस करार को निरस्त करते हुए शाही ईदगाह वाली भूमि को मुक्त कराने और इसे विराजमान ठा. श्रीकृष्ण को सौंपने का आदेश देने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में शाही ईदगाह ट्रस्ट मैनेजमेंट कमेटी, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेन्ट्रल बोर्ड, श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट व श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं हरीशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन की ओर से बताया गया कि इस मामले में आज सुनवाई होनी थी। परंतु, वादियों के अदालत में समय पर उपस्थित नहीं हो पाने के कारण अब 30 सितम्बर (बुधवार) को इस पर सुनवाई होगी।
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