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सरकार जल्द लागू करेगी स्क्रैपेज पॉलिसी, 30 फीसदी तक सस्ती हो जाएंगी नई कार
लंबे समय से लटकी स्क्रैपेज पॉलिसी जल्द लागू हो सकती है। सरकार ने इसकी जानकारी संसद में दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंंह ने शनिवार को बताय कि वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी के लिए कैबिनेट नोट तैयार हो गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अनफिट और पुराने वाहनों को हटाने के लिए नई पॉलिसी का कैबिनेट नोट तैयार हो गया है। माना जा रहा है कि स्क्रैपेज पॉलिसी के लागू होने से सुस्ती और गिरावट का सामना कर रही देश की अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी। नई गाड़ियों की मांग बढ़ने से आटोमोबाइल सेक्टर रफ्तार पकड़ेगा। ग्राहकों को नए वाहन 30 फीसदी तक सस्ते मिलेंगे। पुराने वाहनों से वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी आएगी। वहीं स्क्रैप सेंटरों पर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होंगे।
अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम करेगी स्क्रैपेज पॉलिसी-
स्क्रैपेज पॉलिसी को जल्द अब कैबिनेट के पास भेज दिया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। महामारी के मौजूदा समय में स्क्रैपेज पॉलिसी अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी का काम करेगी।
पुरानी कारों के लिए हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट :
स्क्रैपेज पॉलिसी में 15 साल पुरानी गाड़ियों को सड़कों से हटाने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। लेकिन ऐसी गाड़ियों को चलाने के लिए हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन रिन्यू (पंजीकरण नवीनीकरण) कराने की फीस को बढ़ाकर दो से तीन गुना कर दिया गया है। इससे वाहन मालिक पुरानी गाड़ियों को बेचकर नई गाड़ी खरीदने के लिए आकर्षित होंगे।
यह है योजना :
- नई कार का मुफ्त में होगा रजिस्ट्रेशन
- पुरानी कार को स्क्रैपेज सेंटर को बेचने के बाद एक प्रणाम पत्र मिलेगा।
- इससे दिखाकर नई कार खरीदने वालों का कार रजिस्ट्रेशन मुफ्त में किया जाएगा।
- इस फैसले से करीब 2.80 करोड़ वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी के अंतर्गत आएंगे।
- इस नीति के साथ देश में बड़े पैमाने पर वाहन कबाड़ केंद्र बनाए जांएगे। जिससे बड़ी संख्या में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- आॅटोमोबाइल सेक्टर को रिसाइकिल में सस्ते में स्टील, एल्युमीनियम, प्लास्टिक जैसे पार्ट्स मिल सकेंगे।
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महत्वपूर्ण सूचना -
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