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UN में भारत की स्थाई सदस्यता का फ्रांस ने किया समर्थन,
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) और उनकी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली ने गुरुवार को विस्तृत बातचीत की और इस दौरान उन्होंने हिंद महासागर (Indian ocean) में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया. हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ रही हैं. समझा जाता है कि सिंह ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ भारत के चार महीने के गतिरोध के बारे में भी पार्ली को अवगत कराया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की और पारस्परिक हित वाले समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने गुरुवार UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता की वकालत की. फ्रांसीसी रक्षा मंत्री ने जनवरी 2021 में शुरू होने वाले दो साल के कार्यकाल के लिए यूएनएससी में एक गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत के चुनाव को लेकर कहा कि यह एक साथ अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के अवसर का प्रतिनिधित्व करता है. बता दें कि चीन, ब्रिटेन, अमेरिका और रूस के अलावा फ्रांस UNSC के पांच स्थायी सदस्यों में शामिल है. सूत्रों ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग के संयुक्त सामरिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद हुई चर्चा
दोनों नेताओं की यह वार्ता पांच राफेल लड़ाकू विमानों को अंबाला वायुसेना अड्डे पर भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में औपचारिक रूप से शामिल किए जाने के बाद हुई. दोनों मंत्रियों ने बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली के पालम वायु सेना स्टेशन में भी संक्षिप्त मुलाकात की थी.द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
दोपहर बाद दिल्ली लौटने पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और फ्लोरेंस पार्ली ने द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने के लिए वार्ता की. इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए पार्ली ने कहा कि फ्रांस की वैश्विक सैन्य आपूर्ति श्रृंखला के साथ भारतीय रक्षा उद्योग को एकीकृत करने के लिए फ्रांस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस दोनों देश रक्षा संबंधों में एक नया अध्याय लिख रहे हैं.
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