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गुजरात: भाजपा ने निर्देशों की अवहेलना करने के लिए 38 पार्षदों को किया निलंबित
गुजरात (Gujarat) में भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) ने छह नगरपालिकाओं के अपने 38 पार्षदों को अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के पदों के लिए 24 अगस्त के हुए चुनावों के दौरान पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने के लिए निलंबित कर दिया. राज्य इकाई ने बुधवार को यह जानकारी दी. भाजपा (BJP) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, ये पार्षद या तो चुनाव के दौरान अनुपस्थित रहे या पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान नहीं किया. विज्ञप्ति में कहा गया कि 38 में से 14 पार्षद राजकोट (Rajkot) के उपलेटा नगरपालिका से हैं, जबकि 13 कच्छ (Kutch) के रापर नगरपालिका से हैं.
अन्य पार्षद पाटन (Patan), बनासकंठा (Banaskantha), साबरकंठा (Sabarkantha) और भावनगर (Bhavnagar) जिलों के क्रमशः हरिज, थराड, खेड़ब्रह्म और तालजा नगरपालिकाओं के हैं. आपको बता दें गुजरात में स्थानीय निकायों सहित नगरपालिकाओं में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कार्यकाल ढाई साल का होता है. एक कार्यकाल पूरा होने के बाद इन पदों पर पार्टी किसी ओर नेता को चुनती है.
इस कारण से बर्खास्त किये गये पार्षदभारतीय जनता पार्टी ने इन पदों के लिए उम्मीदवारों के नाम जारी कर दिये थे लेकिन पार्टी के ही कुछ पार्षदों ने उनके खिलाफ जाकर दावेदारी की. इतना ही नहीं निलंबित किये गए पार्षद नए पार्षदों के चुनाव के दौरान या तो अनुपस्थित रहे या फिर उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान नहीं किया. जिसके चलते भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने इन्हें खिलाफ कार्रवाई की. इसके साथ ही पार्टी के निर्देशों को भी नहीं माना जिसके बाद भाजपा अध्यक्ष ने कठोर कार्रवाई करते हुए इन पार्षदों को सस्पेंड कर दिया.
बता दें भाजपा ने कुछ समय पहले ही सीआर पाटिल को गुजरात इकाई का अध्यक्ष बनाया है. अध्यक्ष पद संभालने के बाद से ही पाटिल ने पार्टी के नेताओं से कहा था कि पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी या फिर सिफारिश से काम नहीं चलेगा. पार्टी अध्यक्ष का कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश था कि वह समर्पित होकर काम करें लेकिन इसके बावजूद भी पार्टी के नेताओं की गतिविधियों के चलते पाटिल ने उन्हें निलंबित कर दिया.
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