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ईट राइट इंडिया के साथ फिट इंडिया प्रधानमंत्री के न्यू इंडिया के आधार- डॉ. हर्षवर्धन
केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज ईट राइट चैलेंज के तहत भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा आयोजित ऑनलाइन ऑरिएंटेशन वर्कशॉप की अध्यक्षता की। इस मौके पर उन्होंने एफएसएसएआई की 'ईट राइट इंडिया' हैंडबुक और वेबसाइट eatrightindia.gov.in का शुभारंभ किया। इस वेबसाइट से भारत में सही खानपान को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ेगी। इस अवसर पर मंत्रालय के राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम को जन-आंदोलन बनाने के लिए हाल ही में एफएसएसएआई ने ईट राइट चैलेंज की घोषणा की थी। यह 197 जिलों और शहरों के लिए वार्षिक प्रतियोगिता है, जिसके अंतर्गत अनूठे तरीके से खाद्य संरक्षा और विनियामक वातावरण को मजबूत किया जाएगा, उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता विकसित की जाएगी और उन्हें बेहतर खाद्य विकल्पों में से चयन करने की अपील की जाएगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और जिला अधिकारियों जैसे कि जिला मजिस्ट्रेट और शहरों के प्राधिकृत अधिकारियों ने इस ऑनलाइन वर्कशॉप में हिस्सा लिया।
'ईट राइट हैंडबुक' जारी करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भोजन केवल भूख या स्वाद के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य और पोषण के लिए है। यह वर्कशॉप इसलिए अनूठी है क्योंकि बड़े-बड़े रेस्त्रां के रसोइयों को सड़क किनारे स्टॉल में लाया जाएगा, लेकिन उनका ब्रांड वही बना रहेगा।' ये हैंडबुक एक उपयोगी संदर्भ गाइड है जो अधिकारियों को अपने संबंधित क्षेत्रों में ईट राइट इंडिया को बढ़ावा देने और गाइड के निर्देशों का पालन करने में मदद करेगी। 197 शहर और जिलों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस अभियान की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत में 135 करोड़ लोग रहते हैं। 196 मिलियन लोग भूख के शिकार हैं, जबकि अन्य 180 मिलियन मोटापे से पीड़ित हैं। 47 मिलियन बच्चों के विकास में अवरोध आया है और अन्य 25 मिलियन अत्यंत कमजोर हैं। 500 मिलियन बच्चों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है और 100 मिलियन भोजन से होने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं। पोषण अभियान के महत्व, एनीमिया मुक्त भारत और फिट इंडिया आंदोलन के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि ये सभी प्रधानमंत्री के 2022 तक न्यू इंडिया बनाने के संकल्प के आधार स्तम्भ हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य तथा आरोग्य केन्द्रों का मुख्य फोकस रोकथाम, सकारात्मक और प्रोत्साहनात्मक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र प्रधानमंत्री के स्वस्थ भारत के विजन का अभिन्न अंग हैं।
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