होम शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा- सहकारी बैंकों के सहकारी स्वरूप की रक्षा हो

समाचारदेश Alert Star Digital Team Aug 19, 2020 09:16 PM

शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा- सहकारी बैंकों के सहकारी स्वरूप की रक्षा हो

शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा- सहकारी बैंकों के सहकारी स्वरूप की रक्षा हो

शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा- सहकारी बैंकों के सहकारी स्वरूप की रक्षा हो

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि सहकारी बैंकों का अस्तित्व और उनका सहकारी चरित्र संरक्षित किया जाना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस धारणा को खारिज किया कि सहकारी बैंक अन्य बैंकों की तुलना में खराब हैं, अथवा उन्हें निजी संस्थाओं में परिवर्तित करने से धोखाधड़ी या अनियमितताएं समाप्त हो जाएंगी।

पवार ने अपने पत्र को मंगलवार को ट्विटर पर डाला है। इसमें मोदी के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधन का जिक्र किया गया है। पवार ने कहा, ''आपने (मोदी) कहा कि सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक की निगरानी में लाया गया है ताकि मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा हो सके।''

उन्होंने कहा, ''मैं इसका स्वागत करता हूं और इस उद्देश्य की सराहना करता हूं।'' पवार ने कहा, ''हालांकि ईमानदारी पूर्वक मेरा यह भी कहना है कि सहकारी बैंकों और उनके सहकारी चरित्र को संरक्षित किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहे हैं।

पवार ने कहा कि व्यापक शाखा नेटवर्क से रिजर्व बैंक के लिये सभी शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) की हर साल जांच करना असंभव है। उन्होंने कहा कि इसीलिए केंद्रीय बैंक 1993 से यूसीबी को निजी बैंकों में तब्दील करने का प्रयास कर रहा है लेकिन सफल नहीं हो पाया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''...हालांकि मैं आपसे इस बात पर सहमत हूं कि बैंकों में वित्तीय अनुशासन होना चाहिए लेकिन यह कहना गलत है कि सहकारी बैंकों को निजी बैंकों में तब्दील करने से कोष के गबन, वित्तीय अनियमितताएं और धोखाधड़ी पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।' उन्होंने कहा कि आरबीआई के अनुसार 2019-20 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों से क्रमश: 3,766 और 2,010 धोखाधड़ी की रिपोर्ट आयी जबकि सहकारी बैंकों में यह संख्या केवल 181 थी।''

पवार ने कहा कि इसी दौरान कुल 64,509.90 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़ी थी जो वर्ष के दौरान बैंकों में धोखाधडी में फंसी कुल राशि का 90.20 प्रतिशत है। वहीं निजी क्षेत्रों बैंकों में 5,515.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट की गयी है जो कुल राशि का 7.69 प्रतिशत है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)