होम बागी विधायकों की सदस्यता रद करने की नोटिस, पायलट खेमा पहुंचा हाई कोर्ट
बागी विधायकों की सदस्यता रद करने की नोटिस, पायलट खेमा पहुंचा हाई कोर्ट
राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच सचिन पायलट का खेमा विधायकों की सदस्यता को रद करने को लेकर नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले की सुनवाई 3 बजे होनी है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार पायलट समर्थक विधायक पृथ्वीराज मीणा ने सदस्यता रद करने को लेकर राज्य विधानसभा के स्पीकर द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी है। मामले में हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी उनका प्रतिनिधित्व करेंगे।
गौरतलब है कि सोमवार और मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पायलट और उनके खेमे के 19 विधायक शामिल नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पायलट को उपमुख्यमंत्री पद और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटा दिया। यही नहीं पार्टी ने इनको विधानसभा से अयोग्य घोषित करने की भी तैयारी शुरू कर दी। इसे लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी ने पायलट सहित उनके खेमे के 19 विधायकों को नोटिस जारी किया। पायलट खेमे को शुक्रवार तक इस नोटिस का जवाब देना है।
क्या है मामला
बता दें कि मंगलवार देर रात राजस्थान सरकार के चीफ व्हिप डॉ.महेश जोशी ने इसे लेकर मेल से एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि पायलट व उनके समर्थक विधायकों ने लगातार दो दिन कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल न होकर व्हिप का उल्लंघन किया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए रात में ही विधानसभा खुलवाकर सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को नोटिस जारी कर दिए। यही नहीं गजेंद्र सिंह शक्तावत व रामनिवास गावड़िया के परिजनों ने नोटिस लेने से इनकार किया, तो उनके घर के बाहर नोटिस चिपका दिया गया।
नोटिस की वैधानिकता पर सवाल
राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज पानाचंद जैन ने पूरी कार्रवाई को गलत बताया। उनके अनुसार इस तरह के नोटिस की कोई वैधानिकता नहीं है। उनका कहना है कि विधानसभा के बाहर व्हिप जारी नहीं किया जा सकता। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मामले में विवेकपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने विधायकों के घरों के बाहर नोटिस चिपकाने के तरीके को भी गलत बताया।
इन विधायकों को नोटिस
सदस्यता रद करने को लेकर जिन विधायकों को नोटिस जारी किया गया है उनमें सचिन पायलट के अलावा विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, भंवरलाल शर्मा, हेमाराम चौधरी, गजेंद्र सिंह शक्तावत, दीपेंद्र सिंह शेखावत, रामनिवास गावड़िया, इंद्रराज गुर्जर, मुरारीलाल मीणा, गजराज खटाणा, पीआर मीणा, राकेश पारीक, वेद प्रकाश सोलंकी, सुरेश मोदी, मुकेश भाकर, हरीश मीणा, बृजेंद्र ओला व अमर सिंह शामिल हैं।
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