होम कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की जानें क्राइम कुंडली, 60 से अधिक हत्या के मामले है दर्ज

समाचारअर्थ व बाजार Alert Star Digital Team Jul 11, 2020 01:14 AM

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की जानें क्राइम कुंडली, 60 से अधिक हत्या के मामले है दर्ज

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की जानें क्राइम कुंडली, 60 से अधिक हत्या के मामले है दर्ज

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की जानें क्राइम कुंडली, 60 से अधिक हत्या के मामले है दर्ज

 बिकरू गांव में सीओ समेत 8 पुलिस वालों की हत्या करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारा गया। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे एक आपराधिक किस्म का इंसान था, उसने एक के बाद एक हत्याएं कीं। बता दे, यूपी एसटीएफ की टीम उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी, लेकिन शहर से 17 किमी पहले बर्रा थाना क्षेत्र में सुबह 6:30 बजे काफिले की एक गाड़ी पलट गई। विकास उसी में बैठा था। विकास ने गाड़ी पलटने के बाद पुलिस से पिस्टल छीनकर हमला करने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में वह बुरी तरह जख्मी हो गया, तीन गोली छाती में और एक बांह में लगी। विकास को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे सुबह 7 बजकर 55 मिनट पर मृत घोषित कर दिया।

विकास दुबे के खिलाफ 60 से ज्यादा हत्या, रंगदारी जैसी संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं, लेकिन राजनीतिक संरक्षण की वजह से विकास के खिलाफ कभी कोई सख्त एक्शन नहीं लिया गया। इस बीच वो कई बार जेल भी गया लेकिन जमानत लेकर बाहर आ जाता था। विकास दुबे ने लूट, फिरौती से अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया और दर्जनों गुर्गों को पाल रखा था। साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा साल 2000 में कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र में स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था।

कानपुर के शिवली थाना क्षेत्र में ही साल 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास दुबे पर जेल के भीतर रह कर साजिश रचने का आरोप है। यही नहीं साल 2004 में हुई केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे आरोपी है। इसके अलावा विकास दुबे अजय मिश्रा, कृष्ण बिहारी मिश्रा, कौशल तिवारी और जय प्रकाश की हत्या का आरोपी था। कानपुर के इलाके में विकास का इतना खौफ था कि ज्यादातर लोग उसके खिलाफ कोई गवाही देने या मुकदमा दर्ज करवाने नहीं आते थे। साल 2018 में विकास दुबे ने अपने चचेरे भाई अनुराग पर जानलेवा हमला करवाया था, उसने माती जेल में बैठकर पूरी साजिश रची थी।

इसके बाद 2 जुलाई की रात को विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर सीओ देवेंद्र मिश्रा, एसओ महेश यादव, चौकी इंचार्ज अनूप कुमार सिंह, चौकी इंचार्ज नेबू लाल, कान्स्टेबल सुल्तान सिंह, जितेंद्र सिंह, बबलू और राहुल कुमार की हत्या की। छह दिन फरार रहे विकास को गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। विकास के शव से कोरोना की जांच के लिए सैंपल भी लिया गया, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, कानपुर के एलएलआर हॉस्पिटल के डॉक्टर आरबी कमल ने बताया कि जख्मी तीन पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)