होम चांद की धरती में अकूत खजाना, लद्दाख में भू-तापीय ऊर्जा के भंडार

समाचारदेश Alert Star Digital Team Jul 9, 2020 08:38 PM

चांद की धरती में अकूत खजाना, लद्दाख में भू-तापीय ऊर्जा के भंडार

चांद की धरती में अकूत खजाना, लद्दाख में भू-तापीय ऊर्जा के भंडार

चांद की धरती में अकूत खजाना, लद्दाख में भू-तापीय ऊर्जा के भंडार

 रंग बदलती ऊंची चोटियां, दूर-दूर तक फैली शांत वादियों वाला लद्दाख जिसे 'चांद की धरती' या 'बर्फीले रेगिस्तान' से जाना जाता है। यह अपने आपमें कई रहस्य समेटे हुए है। इसके गर्भ में भू-तापीय ऊर्जा के भंडार के साथ यूरेनियम, ग्रेनाइट, सोने व रेअर अर्थ जैसी कई बहुमूल्य धातुएं हैं। पाक और चीन की सरहद से सटे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में देश-विदेश से कई शोधकर्ता इसकी पुष्टि कर चुके हैं। चीन का सीमा विवाद भी लद्दाख के गर्भ में छिपा खजाना माना जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने कभी यहां की बहुमूल्य धातुएं का दुरुपयोग नहीं किया। सिर्फ सर्वे जरूर करवाए। वहीं स्थानीय लोगों ने भी बहुमूल्य धातुओं को सहज कर रखा है।

लद्दाख में एक दशक में बहुमूल्य धातुओं के लिए सभी सर्वे सेना की देखरेख में हुए हैं। यूरोनियम, थोरियम जैसे दुर्लभ खनिज होने की पुष्टि नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद की सेटलाइट मैपिंग से हुई थी। इसके बाद हरकत में आए जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने लद्दाख में डेरा डाल पड़ताल कर माना था कि पूर्वी लद्दाख में यूरेनियम के भंडार हैं। पूर्वी लद्दाख से लिए जमीन के नमूनों की जर्मनी की लैब में जांच के बाद पुष्टि हुई थी कि उनमें यूरेनियम की काफी मात्रा है। यहां के पहाड़ों की मिट्टी चिकनी है। यहां का यूरेनियम 100 से 25 मिलयिन साल पुराना है जिनसे परमाणु बिजली के साथ-साथ परमाणु बम भी बनाए जा सकते हैं। बताया जाता है कि काफी समय पहले जापान सरकार ने भारत को प्रस्ताव दिया था कि अगर उसे पूरी तरह से लद्दाख में खनिज खोजने की अनुमति मिल जाए तो वह इस क्षेत्र की कायाकल्प कर देंगे जिसे भारत सरकार ने खारिज कर दिया था।

सूत्रों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में दुर्लभ खनिज होने का पता चला है वे चीन से सटी पूर्वी लद्दाख की हानले घाटी के पास नेमगोल व जरसर इलाके हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में बहुमूल्य धातुओं के कारण चीन का हस्तक्षेप बढ़ा है। यह जगजाहिर है कि विश्व शक्ति बनने के लिए चीन अधिक परमाणु बम बनाने की होड़ में है, इसके लिए उसे अमेरिका से ज्यादा यूरेनियम चाहिए। उसके लिए पूर्वी लद्दाख हर लिहाज से अहमियत रखता है। पूर्वी लद्दाख के पहाड़ों में यूरेनियम, ग्रेनाइट, सोने के साथ रेअर अर्थ कहे जाने वाली बहुमूल्य धातुओं के भंडार हैं। पूर्वी लद्दाख में गलवन घाटी में सोने के भंडार के दावे किए जा रहे हैं। भारत-चीन के बीच तनावपूर्ण संबंधों की वजह से इस इलाके में अभी ज्यादा सर्वे नहीं हुआ। माना जाता है कि यहां सोने समेत कई बहुमूल्य धातुएं छिपी हुई हैं।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)