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हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान गायब हुई शराब की एक करोड़ बोतलें : सुरजेवाला
हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसईटी (विशेष जांच टीम) बेशक अपनी रिपोर्ट सौंप नहीं पाई है। मगर कांग्रेस के राष्टीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने लॉकडाउन के दौरान गायब हुई शराब की बोतलों को लेकर कई अहम दस्तावेजों के जरिये सरकार को घेरा। सुरजेवाला ने दस्तावेजों के आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि
लॉकडाउन के दो महीनों में विभिन्न स्थानों पर शराब की करीब एक करोड़ बोतलें कम पाई गई हैं। माना जा रहा है कि इस शराब की अवैध बिक्री हुई। इसी तरह विभिन्न स्थानों पर करीब 19 लाख बोतलें ज्यादा मिली हैं। यानी कि यहां भी घपला हुआ।
10 मई को सोनीपत में गोदाम से शराब चोरी और तस्करी का मामला सामने आने के बाद अन्य जिलों में भी जांच हुई तो शराब तस्करी की परतें खुलने लगी। प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसईटी बनाई हुई है, लेकिन अभी तक आबकारी महकमे ने पूरे दस्तावेज जांच टीम को नहीं सौंपे हैं। चूंकि एसईटी का गठन क्रिमिनल प्रोसीजर कोड 1973 की धारा 2(एच) व 2 (ओ) के तहत नहीं होने के कारण इसे कागजात जब्त करने, रेड करने, आबकारी महकमे व पुलिस विभाग के रिकॉर्ड को खंगालने तथा दोषियों की गिरफ्तारी करने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए संबंधित अफसर दस्तावेज सौंपने में हीलाहवाली कर रहे। एसईटी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी की है।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 11 मई से 27 जून तक भी स्पेशल इंक्वायरी टीम को शराब घोटाले का रिकॉर्ड न देना मामले पर पर्दा डालने की साजिश को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग में मार्च-अप्रैल और अप्रैल-मई में अंग्रेजी व देसी शराब के होलसेल (एल-1 व एल-13) तथा शराब के ठेकों की जांच से सामने आया है कि 99 लाख 41 हजार 66 बोतलें कम मिली। मतलब साफ है कि यह सीधे शराब तस्करी या नाजायज तौर से शराब बिक्री का मामला है। इसी प्रकार जांच में विभिन्न स्थानों पर 19 लाख दस हजार 330 बोतलें अधिक मिली। यानी कि यह सीधे एक्साइज की चोरी कर सरकारी खजाने को चूना लगाने का मामला है।
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