होम उप्र आ रहे प्रवासी कामगारों से कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने का खतरा, सरकार की बढ़ी चिंता
उप्र आ रहे प्रवासी कामगारों से कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने का खतरा, सरकार की बढ़ी चिंता
प्रदेश में लाखों प्रवासी कामगारों की वापसी जहां सरकार के लिए पहले से ही चुनौती बनी हुई है। वहीं इनमें कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य महकमे को चिंता में डाल दिया है। प्रवासी श्रमिकों के कोरोना संक्रमित होने की दर राज्य की कुल दर से लगभग नौगुना है।
प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने मंगलवार को बताया कि प्रवासी कामगार प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रदेश में पहुंच रहे हैं। इनमें से कई कोरोना संक्रमण के अत्यधिक मामलों वाले स्थानों से भी आ रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद जो लक्षणरहित होते हैं, उन्हें 21 दिन के घरेलू एकांतवास (होम क्वारंटाइन) पर भेजा जाता है। ग्राम निगरानी समिति व मोहल्ला निगरानी समिति बनाई गई है। ताकि ऐसे लोगों को घरेलू एकांतवास का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
4.75 लाख प्रवासी कामगारों का सर्वेक्षण, 26 संक्रमित
अब तक आशाओं द्वारा 4,75,812 प्रवासी कामगारों का सर्वेश्रण किया जा चुका है। इनमें से 565 में लक्षण नजर आने पर उनकी जांच करायी गई। इनमें से 117 की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिसमें 26 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। वहीं प्रदेश के कुल कोराना मामलों की दर 2.6 प्रतिशत है। प्रवासी कामगारों के आने से राज्य में कोरोना संक्रमण की दर तेजी से बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। राज्य सरकार ने कामगारों से अपील है कि यदि वह घरेलू एकांतवास (होम क्वारंटाइन) में हैं, तो भी निर्धारित समय तक अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें।
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