होम RGPV द्वारा संविदा प्राध्यापकों को नौकरी से निकाला गया, ऑनलाइन शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
RGPV द्वारा संविदा प्राध्यापकों को नौकरी से निकाला गया, ऑनलाइन शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल ने अपने घटक दल यूआईटी में कार्यरत तकरीबन 80 संविदा प्राध्यापकों को कुलपति की अनुशंसा पर बाहर कर दिया यह आर्डर 15 मई 2020 को शाम को जारी हुआ। यह आर्डर संचालक आर.एस. राजपूत ने कुलपति सुनील गुप्ता जी की अनुशंसा पर निकाला। इस आदेश के बाद संविदा प्राध्यापकों के खेमे में उदासी छाई है एवं उन्हें आर्थिक तंगी का भय सताने लगा है। इसके विरोध में सभी आरजीपीवी के संविदा प्राध्यापक प्रांतीय तकनीकी अतिथि एवं संविदा प्राध्यापक महासंघ ने महासंघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। इसमें वह काली पट्टी काला गमछा या काला रुमाल बांधकर फेसबुक एवं ट्विटर पर अपनी फोटो लगा माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री को टैग कर रहे हैं एवं उनसे मदद की गुहार कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष देवांश जैन ने बताया कि बीते 15 अप्रैल को ही एक आदेश जारी कर AICTE ने क्लियर कर दिया था की किसी भी फैकल्टी को नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा और अगर आपने ऐसा कर दिया है, तो उन्हें तुरंत वापस ले। परंतु आरजीपीवी के अधिकारियों ने उस आदेश का भी अनदेखा किया। प्रदेश सचिव प्रवीण कैथल ने बताया कि नौकरी से न निकालने के आदेश एमएचआरडी एवं श्रम मंत्रालय निकाल चुका है और स्वयं प्रधानमंत्री जी भी किसी को भी नौकरी से न निकालने का आवाहन कर चुके हैं। इसके बावजूद भी आज भी RGPV के अधिकारियों ने यह मनमानी की है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।