होम नेपाल बना भारत का दुश्मन! सड़क विवाद को लेकर ठुकराया भारत का प्रस्ताव
नेपाल बना भारत का दुश्मन! सड़क विवाद को लेकर ठुकराया भारत का प्रस्ताव
अब नेपाल भारत का दुश्मन बनता जा रहा है जिसने सड़क विवाद को लेकर प्रस्ताव ठुकरा दिया है। सीमा विवाद को लेकर काठमांडू में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वाटरा को बुलाया और उन्हें राजनयिक संदेश भी सौंपा गया। इसके बाद से ही विवाद गहरा गया है।
इससे पहले सिक्किम में बनी नई सड़क को लेकर भी चीन के इशारे पर नेपाल ने आंखें तरेरी थी। भारत ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए पिथौरागढ़-धारचूला से लिपुलेख को जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन किया था। उत्तराखंड में स्थित लिपुलेख पर नेपाल ने अपना दावा ठोंक रखा है। इसी को लेकर उसने विरोध दर्ज कराया। भारत ने भी प्रतिक्रिया में कहा कि सड़क पूरी तरह से भारतीय क्षेत्र में स्थित है। हालांकि, नेपाल से करीबी संबंध को देखते हुए सीमा विवाद को कूटनीतिक तरीकों से सुलझाया जाएगा।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने भारतीय राजदूत क्वाटरा को समन किया और लिपुलेख की विवादित जमीन पर रोड लिंक बनाने को लेकर नाराजगी जाहिर की है और भारतीय राजदूत विनय क्वाटरा को सीमा विवाद पर नेपाल सरकार के रुख से अवगत कराया है।
इससे पहले नेपाल के विदेश मंत्रालय ने उक बयान जारी कर भारत के लिपुलेख में रोडलिंक बनाने के कदम की आलोचना की थी। बताया गया है कि नेपाल के विदेश मंत्रालय ने सीमा विवाद सुलझाने के लिए भारत से विदेश सचिव स्तर की राजनयिक वार्ता की तारीख जल्द से जल्द तय करने के लिए भी कहा है।
इससे पहले नवंबर महीने में जम्मू-कश्मीर को दो राज्यों में बांटने के बाद भारत ने नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया था। इस मानचित्र में कालापानी को उत्तराखंड में दिखाए जाने को लेकर भी नेपाल ने विरोध जताया था और उस वक्त से ही सीमा विवाद के समाधान के लिए वार्ता करने पर जोर दे रहा है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के बयान के बाद भारत ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि दोनों पक्ष विदेश सचिव स्तर की वार्ता को आयोजित कराने की प्रक्रिया की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। भारत ने कहा था कि कोरोना वायरस के आपातकालीन संकट से सफलतापूर्वक निपटने के बाद वार्ता पर फैसला किया जाएगा।
लेकिन नेपाल ने भारत के इस अनुरोध को ठुकरा दिया है। नेपाल सीमा विवाद के मुद्दे पर जल्द से जल्द वार्ता चाहता है। नेपाल के विदेश मंत्री ग्यावली ने कहा कि नेपाल भारत के साथ बातचीत के लिए कोरोना वायरस संकट के खत्म होने का इंतजार नहीं कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय संबंध मामलों की संसदीय समिति के सामने ग्यावली ने कहा, प्रधानमंत्री या विदेश सचिव, हम भारत के साथ किसी भी स्तर की वार्ता करने के लिए तैयार हैं।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।