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कोरोना वायरस के बीच दुनिया के कुछ देशों में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?
कोरोना को काबू करने के लिए दुनियाभर में कई देशों ने लॉकडाउन का सहारा लिया, ताकि संक्रमण को रोका जा सके। लेकिन कई देशों में सरकारी नीतियों के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोग बेरोजगारी और भुखमरी को लेकर कई जगहों पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
कोरोना की वजह से भारत में ही सीएए और एनआरसी को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर रोक लग गई है, वहीं हॉन्ग कॉन्ग में शुरू हुआ प्रदर्शन भी रुक गया है। प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि लॉकडाउन लगाना और लोगों को घरों के अंदर बंद रखना उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
जबकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह लॉकडाउन लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षित रखने और कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी है। आइए जानते हैं किन देशों में कोरोना वायरस के बीच प्रदर्शन चल रहा है...
लेबनान लेबनाना की जनता अक्टूबर 2019 से प्रदर्शन कर रही है और छह महीने बाद भी वहां प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर 2020 के बजट में आए प्रावधानों को लेकर सड़कों पर उतरे।
इन प्रावधानों में तंबाकू से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप पर टैक्स की नई दरें लगाने का एलान था। इसके अलावा बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर भी लोग लेबनान में प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां की जनता ने देश का नेतृत्व कर रही सरकार पर भी हमला बोला।
लेबनाना में प्रदर्शन हफ्तों तक चला जिसका क्रिसमस और न्यू ईयर तक खत्म होने की संभावना थी। 21 फरवरी को लेबनाना में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया, जिसे देखते हुए वहां की सरकार ने स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला किया।
15 मार्च को लेबनान की सरकार ने देश में इमरजेंसी घोषित कर दी, सड़क सीमा और बंदरगाहों को बंद कर दिया गया। देश में कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा हो गई और वहां के सुरक्षा अधिकारियों ने लोगों को प्रदर्शन कैंप्स हटाने की आदेश दिया।
सरकार के इस फैसले का कई लोगों ने विरोध किया, यहां तक लेबनान देश के मीडिया ने इसे देश में हो रहे प्रदर्शन को कुचलने का तरीका बताया। जैसे जैसे देश में कोरोना के मामले बढ़ते गए सरकार ने हवाई यात्रा पर भी रोक लगा दी।
लेबनान की सरकार ने दस मई तक लॉकडाउन को बढ़ाने की बात कही है और अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए कुछ उद्योगों को दोबारा शुरू करने का फैसला लिया। लेकिन कोरोना वायरस जैसी महामारी के बीच लेबनान के कई शहर जैसे बैरट, त्रिपोली, सिडोन, अक्कर, बेका वैली में प्रदर्शन उग्र होने लगे, जिसके परिणास्वरुप वहां नागरिकों और सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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