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लॉकडाउन में समय का सदुपयोग
उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि वह आपातकाल के बाद पहली बार एक ही स्थान पर इतने लंबे समय तक रह रहे हैं और वह रचनात्मक कार्य कर इस लॉकडाउन में समय का सदुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में यह भी कहा कि वह इन दिनों अच्छी पुस्तकें पढ़ रहे हैं और अपने प्रियजनों के साथ विचार साझा कर रहे हैं। नायडू ने कहा, 'हर चीज़ का मूल तो मस्तिष्क में ही है। किसी भी चुनौती के सामने, हमें अपने मस्तिष्क को उस अनहोनी को स्वीकार करने और उसका समाधान करने के लिए तैयार और प्रशिक्षित करना होता है। अगर हम इस गुत्थी को समझ लें तो हम किसी भी परिवर्तन को सहर्ष स्वीकार और आत्मसात कर सकते हैं।' उप राष्ट्रपति ने आपातकाल का स्मरण करते हुए कहा, '1970 के दशक के अपने विद्यार्थी जीवन के दिनों से ही कभी ऐसा अवसर नहीं आया कि मुझे एक ही स्थान पर इतना लंबा समय व्यतीत करना पड़ा हो। सिवाय आपातकाल के, इस प्रकार बंधन में रहना, न मेरी प्रकृति में है, न ही मेरी प्रवृत्ति में।' उन्होंने कहा, 'मेरे लिए भी ये नया अनुभव ही है और मैं इस नई स्थिति का भरसक उपयोग कर रहा हूं, अपने मन मस्तिष्क को इस की अनिश्चितता को निर्विकार भाव से स्वीकार करने के लिए प्रशिक्षित कर रहा हूं।' नायडू ने कहा, 'मैं अपने समय का रचनात्मक सदुपयोग कर रहा हूं, अच्छी पुस्तकें पढ़ रहा हूं जिससे मेरा अपना दृष्टिकोण व्यापक बनता है। अपने विचारों को अपने स्वजनों के साथ साझा करता हूं, उनसे विचार-विमर्श करता हूं।' उनके मुताबिक लॉकडाउन के बाद उनकी दिनचर्या में बदलाव आया है।
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