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कोरोना हुआ तो मरने का कितना चांस, जानें ऐसे अहम सवालों के जवाब
पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस का असर भारत में भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अब तक यहां संक्रमित लोगों की संख्या 800 के पार जा पहुंची है, जबकि देशभर में मरने वालों की संख्या 20 जा पहुंची है। देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है, ताकि संक्रमण को फैलने से बचाया जा सके। हालांकि, कई लोगों में संक्रमण को लेकर कई शंकाएं हैं, बड़ा डर है। कई लोगों के मन में ये सवाल भी है कि, किसी व्यक्ति को कोरोना वायरस होने पर उसके मरने की संभावना कितनी है? आइये जानते हैं ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरने की आशंका 4 फीसदी है। हालाकि, मार्च की 23 तारीख तक सामने आए आंकड़ों की माने तो ब्रिटेन में ये दर सबसे अधिक 5 फीसदी तक थी, क्योंकि यहां संक्रमण के सभी मामलों की पुष्टि नहीं हुई थी। कोरोना वायरस संक्रमण की सूरत में किसका टेस्ट होना है और किसका नहीं, इसे लेकर सभी संक्रमित देशों के अपने अपने स्तर पर अलग-अलग मानदंड है।
इस कारण अलग-अलग देशों में कोरोना संक्रमण के मामले और इससे होने वाली मौतों के आंकड़े भ्रामक हो सकते हैं। साथ ही मृत्यु की दर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सेवाओं तक उसकी पहुंच के हिसाब से भी तय होती है। लेकिन अब तक के शोध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण से उन लोगों की जान खतरा हो सकता है, जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है या जिन्हें पहले से ही कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।
लंदन में हुए ताजा शोध के मुुताबिक, 80 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए औसत मृत्यु दर से लगभग 10 गुना अधिक है जबकि 40 से कम उम्र वालों के लिए ये मात्र 0.5 से लेकर 1 फीसद तक है। हालांकि, शोध में ये भी स्पष्ट किया गया कि, भले ही बूढ़ों के लिए इस संक्रमण के होने के बाद मृत्यु दर ज्यादा है, लेकिन अब तक बुजुर्गों में सामने आए मामलों में अधिकतर इसके मामूली या मध्यम लक्षण ही सामने आए हैं।
हालांकि, इसका मतलाब ये बिल्कुल भी नहीं है कि, नौजवानों की जान को इस संक्रमण से खास खतरा नहीं है। गुरुवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस के पॉजिटिव रीज की मृत्यु हुई है, जिसकी उम्र सिर्फ 35 वर्ष थी। साथ ही, देशभर में कई युवा भी अब तक इस वायरस से संक्रमित होकर आईसीयू तक जा पहुंचे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि, कोरोना से खतरे को इसे सीधे तौर पर उम्र जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
वैसे संक्रमण फैलने का स्तर तो सभी में बराबर है। लेकिन, उससे उबर पाने के आंकड़े अब तक जुटाए गए हैं। कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान शुरुआती दौर में चीन में इस वायरस के संक्रमण के 44 हजार मामलों पर शोध हुआ था, जिसमेंसामने आया था कि, जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल या सांस की बीमारी थी, उनकी मृत्युदर आम लोगों के मुकाबले पांच गुना ज्यादा थी।
इन दिनों मौसम में बदलाव होने के कारण खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण लोगों में आमतौर पर देखे जा रहे हैं। लेकिन, स्वास्थ एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि, अगर ये समस्या अपने औसत समय से ज्यादा वक्त तक बनी रहे तो इसे लेकर आपके किसी नजदीकी मान्यता प्राप्त चिकित्सक से जरूर परामर्श कर लें। हो सके तो संबंधि जांच भी करा लें।
कोरोना वायरस से बचाव के उपाय
-पानी उबालकर पियें
-आहार में विटामिन सी, जिंक और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स देने वाले पदार्थों की मात्रा बढ़ाएं।
-स्वच्छता पर खास ध्यान दें।
-तुलसी, अदरक, काली मिर्च, मिश्री और कुछ बूंदे नींबू की डालकर काढ़ा बनाकर पीयें।
-गिलोय का सेवन सुबह खाली पेट करना फायदेमंद होता है।
-भोजन में सब्जियों का सूप भी ले सकते हैं।
-किसी भी प्रकार का पेय पदार्थ (कोल्ड ड्रिंक्स) आइस्क्रीम कुल्फी आदि खाने से बचें।
-किसी भी प्रकार का डिब्बा बंद भोजन, पुराना बर्फ का गोला, सील बंद दूध और इसी दूध से बनी मिठाइयां जो 48 घंटे से पहले बनी हो, उसे खाने से बचें।
-कोरोना वायरस से बचने के लिए अपने हाथों को साबुन या गर्म पानी से धोएं। खांसते और छींकते वक्त नाक और मूंह को किसी टिश्यू पेपर या रुमाल से ढकें, क्योंकि ये वायरस छींक से भी फैलता है।
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