होम भड़क रहे NDA नेता और विपक्ष ले रहा मजा, आखिर चिराग ने ऐसा क्या किया ?
भड़क रहे NDA नेता और विपक्ष ले रहा मजा, आखिर चिराग ने ऐसा क्या किया ?
चिराग पासवान ने जिस तरह से लगातार नीतीश सरकार की तीखी आलोचना शुरू की है, इससे एनडीए में लोजपा के प्रति तल्खी बढ़ गई है. एनडीए के नेताओं में गुस्सा दिख रहा है तो कांग्रेस व तेजस्वी यादव चुटकी ले रहे हैं. ऐसे में एनडीए के नेता खुलकर बहुत कुछ नहीं बोल रहे, पर गुस्सा साफ झलक रहा है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने व्यंग्य किया है कि जब सरकार कोई काम ही नहीं कर रही तो फिर एनडीए छोड़ क्यों नहीं देते?
चिराग पासवान ने लोजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह कहा था कि अपनी बिहार फस्र्ट यात्रा के दौरान उन्हें यह फीडबैक मिला कि कई अस्पतालों में ब्लड प्रेशर मापने की मशीन तक नहीं है? डॉक्टर नहीं हैं. अधिसंख्य अस्पतालों में महिला डॉक्टर तो हैं ही नहीं.
इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री व बीजेपी नेता मंगल पांडेय ने कहा कि मैं किसी के वक्तव्य पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, पर सत्य यह है कि बिहार के अस्पतालों में बीपी मशीन की क्या कहें? आधुनिक उपकरण बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि वक्तव्य तथ्यों पर आधारित होने चाहिए. यह नहीं कि अपनी पहचान के लिए कुछ भी बोला जाए. यह सभी के लिए हैैं. बिहार में हेल्थ सेक्टर में कितना अधिक काम हुआ है यह सभी जानते हैैं. किस तरह 15 साल पहले इंतजाम था और आज क्या है, यह ठीक से समझने के लिए किसी भी व्यक्ति से बात कर समझा जा सकता है. कितनी संख्या में लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में आ रहे हैं, यह सभी को पता है. हो सकता है कि कहीं कोई समस्या दिखी हो पर इसका मतलब यह नहीं कि बिहार में हेल्थ सेक्टर का मामला ही गोल है. वैसे, डॉक्टरों की कमी तो पूरे देश की समस्या है.
एनडीए के एक अन्य नेता ने कहा कि बिहार में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बात कर रहे चिराग आखिर केंद्र की सरकार में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बात क्यों नहीं करते? वहां तो उनके पिता रामविलास पासवान सरकार में मंत्री भी हैैं.
उधर तेजस्वी यादव ने चिराग को राजग छोड़ने की नसीहत तक दी है. तेजस्वी ने कहा कि राज्य सरकार में अगर इतनी खामियां हैं तो वह किस मजबूरी में खूंटे से बंधे हैं? साथ छोड़ क्यों नहीं देते हैं? गुड़ खाकर गुलगुले से परहेज न करें. चिराग पर्दे के दोनों तरफ रहना चाहते हैं.
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