होम फारुक अब्दुल्ला 7 महीने बाद हुए रिहा, बोले- अब मैं आजाद हूं, संसद में उठाऊंगा आवाज
फारुक अब्दुल्ला 7 महीने बाद हुए रिहा, बोले- अब मैं आजाद हूं, संसद में उठाऊंगा आवाज
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के मुखिया फारुक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) शुक्रवार को रिहा हो गए. इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं. मैं आज आजाद हुआ हूं. अब मैं दिल्ली जा सकूंगा. संसद में आपकी बात को उठा सकूंगा."
फारुक अब्दुल्ला ने कहा, "मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद कहना चाहूंगा, जिन्होंने हमारे लिए आवाज उठाई. ये आजादी उस समय पूरी होगी, जब बाकी के नेता भी आजाद हो जाएंगे. मुझे उम्मीद है कि वह भी जल्द छूटेंगे."
फारुक को 4 अगस्त 2019 की रात को नजरबंद कर दिया गया था. अगले ही दिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया गया था. 15 सितंबर से उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत में रखा गया था.
केंद्र शासित राज्य प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने शुक्रवार को कहा, "पीएसए के अंतर्गत उनकी नजरबंदी को रद्द कर दिया गया है."
आदेश में कहा गया है, "जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 1978 की धारा 19 (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए नजरबंदी के आदेश, जिसे तीन-तीन महीनों के अतरिक्त समय के लिए बढ़ा दिया गया था, को सरकार ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है."
श्रीनगर के उपायुग्क्त साहिद चौधरी ने कहा, "पीएसए के रद्द किए जाने के बाद से अब उन पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है."
संसद की ओर से अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के साथ ही जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया गया था. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर को अलग-अलग दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में बांट दिया गया था.
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