होम कोरोना के कहर से शेयर बाजार में भूचाल, चंद घंटों में निवेशकों के डूबे 8 लाख करोड़
कोरोना के कहर से शेयर बाजार में भूचाल, चंद घंटों में निवेशकों के डूबे 8 लाख करोड़
विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद दुनिया भर के बाजारों में हुई भारी गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों में भी देखा गया और शुरुआती कारोबार के दौरान निवेशकों के आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए।
वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल के बीच 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,864.02 अंक या 5.22 प्रतिशत टूट कर 33,833.38 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार के पतन के चलते निवेशकों की 8.56 लाख करोड़ रुपये डूब गये।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार खत्म होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को सुबह साढ़े 10 बजे तक घटकर 128 लाख करोड़ रुपये रह गया। व्यापारियों ने कहा कि वैश्विक रुख के अलावा विदेशी फंड के लगातार बाहर जाने के चलते निवेशकों की भावनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को सकल आधार पर 3,515.38 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई में 1,789 शेयरों में गिरावट आई, जबकि सिर्फ 152 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
भारतीय रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82 पैसे की भारी गिरावट के साथ 74.50 रुपये पर आ गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नए कोरोनोवायरस (कोविड-19)को महामारी घोषित कर दिया है, जिसके बाद दुनिया भर के बाजारों में कमजोरी देखी गई और इसका भारी असर घरेलू मुद्रा बाजार पर भी हुआ।
कारोबारियों ने बताया कि बाजार के प्रतिभागियों ने कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते आर्थिक मंदी गहराने की आशंका के चलते भारी बिकवाली की। उन्होंने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोर शुरुआत हुई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 73.68 के भाव पर बंद हुआ था।
हालांकि, विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा के कमजोर पड़ने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपये को थोड़ा सहारा मिला, लेकिन व्यापारियों का मानना है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की आशंका बढ़ गई है।
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