होम मैं दाढी भी खुजलाउ वह भी समाचार है.!!
मैं दाढी भी खुजलाउ वह भी समाचार है.!!
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी दुनिया के उन हस्तियों में सामिल है जिस पर उनके चाहनेवालों से लेकर हर कीसी की नजर बनी रहती है. जैसे की, उनका ब्यान, उनका रहन-सहन, उनका पहनावा यानि वस्त्र परिधान, उनका उठना बैठना से लेकर सार्वजनिक तौर पर उनके हर कदम पर लोग ध्यान रखते है और उनके हर शब्द मायने रखते है. ईसी लिये जब नरेंद्र मोदी ने रविवार को ट्वीट किया कि वह सोशल मीडिया अकाउंट छोड़ने पर विचार कर हैं तो उनके करोडो चाहनेवालो से लेकर सोशल मीडिया की सर्वाधिक लोकप्रिय हस्ती के इस फैसले से फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के भी कान खड़े हो गए.!! मोदी के सोशल मीडिया से हटने की खबर से फेसबुक, ट्विटर में हड़कंप इसलिये भी है क्योंकि मोदीजी सोशल मीडिया पर विश्व की सर्वाधिक लोकप्रिय हस्तियों में गिने जाते हैं, इसलिये उनके इस फैसले से सोशल मीडिया कंपनियों पर असर पड़ना स्वाभाविक है. हालांकि, अभी किसी भी सोशल मीडिया कंपनी की तरफ से इसको लेकर प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत भारत के कई नेताओने अपनी एपनी तरह से प्रतिक्रिया दी और मोदीजी के करोडो चाहनेवालो ने "#नो सर" के नाम से ट्रेन्ड भी किया.
मोदीजी प्रधानमंत्री बने तब से नहीं लेकिन वे जब सीएम भी न थे और गुजरात में आरएसएस के प्रतिनिधि के तौर पर संगठन की जिम्मेवारी निभा रहे थे तब अहमदाबाद में भाजपा के खानपुर कार्यालय में वे उन दिनो यानि 80 के दसक में चुनाव के दौरान वे हररोज शाम को स्थानिय पत्रकारो से मिलते थे. संगठन की जानकारी के साथ कांग्रेस सरकार के बारे में निवेदन देना आदि. होता था. एक दिन रोज की तरह स्थानिय अखबार के पत्रकार उनके साथ बैठे थे. कुछ खास समाचार नहीं थे. उस वकत समभाव नामक दैनिक अखबार के सिनियर पत्रकार चारूदत्त व्यास ने उनसे सवाल किया की क्या बात है आज कुछ समाचार ही नही. यह सुनकर मोदीजी ने अपनी दाढी को खुजलाते हुये कहा कि ऐसा नही है.मैं यदि अपनी दाढी भी खुजलाउ तो भी समाचार बनते है..!
उनकी यह बात सुनकर सिनियर पत्रकार व्यास समेत सभी पत्रकार नाराज हो गये और उठकर चल दिये. एक तरह से उनका वायकोट किया गया. बात आगे बढ गइ और पार्टी के सिनियर नेताओं तक बात पहुंची तब मोदीजी से कहा गया की वे पत्रकारो से माफी मांगे. आखिर मोदीजी ने माफी मांगी और पत्रकारो ने फिर से रोजाना ब्रिफींग में जाना शूरु किया था. यह वाक्या यहां इसलिये बयां किया गया ताकि आजकी नई पीढी के मिडियाकर्मी को इसकी जानकारी मिले कि मोदीजी यहि अपना ही दाढी खुजलाते है,,,दाढी को सहलाते भी है तो भी मिडिया में उसकी चर्चा होती हो तो जब वे यह कहे कि वे सोश्यल मिड़िया छोडना चाहते है तो हडकंप मचना तो बनता ही है..!!
आज का युग इन्टरनेट का है. स्मार्ट फौन के जरिये आज हर कोइ नेट के सहारे एकदुसरे के साथ जूडे है. सोश्यल मिडिया आज एक पहचान बन चुका है. यदि सोश्यल मिडिया के आंकड़ों की बात करें तो फेसबुक पर उनके 4.4 करोड़ से अधिक, इंस्टाग्राम पर 3.5 करोड़, ट्विटर पर 5.3 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं तो यूट्यूब पर उनके 45 लाख सब्सक्राइबर हैं. जिस शख्स के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या दुनिया के कई देशों की जनसंख्या से भी ज्यादा हो तो उस हैंडल के बंद हो जाने पर सोशल मीडिया कंपनियों की सिर पर चिंता के बल तो पड़ना ही है.
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