होम NPR पर बोले प्रधानमंत्री मोदी- राजनीतिक कारणों से यू-टर्न ले रहीं पार्टियाँ
NPR पर बोले प्रधानमंत्री मोदी- राजनीतिक कारणों से यू-टर्न ले रहीं पार्टियाँ
राज्यसभा में एनपीआर का बचाव करते हुए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'वर्ष 2011 में भी एनपीआर के लिए बायोमेट्रिक डेटा लिया गया था. जनगणना और एनपीआर, एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है जिसके तहत पहले भी डेटा एकत्र किया गया, लेकिन हमने कभी इसका ग़लत इस्तेमाल नहीं किया.'
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने धन्यवाद भाषण में मोदी ने कहा, 'कांग्रेस के समय का एनपीआर रिकॉर्ड हमारे पास है. आप आज किस आधार पर इसका विरोध कर रहे हैं. चूंकि अब आप विपक्ष में हैं तो क्या आपके द्वारा किया गया एनपीआर अब बुरा लगने लगा है?'
उन्होंने दावा किया कि 'पहले सभी राज्य एनपीआर के लिए राज़ी थे, लेकिन अब राजनीतिक कारण से वे यू-टर्न ले रहे हैं.'
दरअसल गुरुवार को ही केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि 'वे अपने राज्य में सिर्फ़ जनगणना करेंगे, एनपीआर को लागू नहीं करेंगे.'
अपने संबोधन में मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री, जवाहर लाल नेहरू, राम मनोहर लोहिया, भीम राव आंबेडकर और कांग्रेस पार्टी की स्टेंडिंग कमेटी द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों का हवाला देते हुए नागरिकता संशोधान क़ानून का बचाव किया.
उन्होंने कहा कि 'ये सभी लोग विदेशी अल्पसंख्यकों को भारत में बसाए जाने के पक्षधर थे, तो क्या इन्हें भी सांप्रदायिक कहेंगे?' हालांकि कांग्रेस पार्टी ने इसके जवाब में कहा है कि 'मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू के कथन को ग़लत संदर्भ में पेश करके देश को भ्रमित करने का काम किया है.'
राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि 'जो लोग सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें कोई राजनीतिक फ़ायदा नहीं होने वाला, बल्कि इससे जनकल्याण की योजनाओं को ग़रीबों तक ले जाने में परेशानी ही खड़ी होगी.'
मोदी के भाषण के बाद केंद्र सरकार ने सदन को बताया कि 'सरकारी दूरभाष कंपनियों, बीएसएनएल और एमटीएनएल को बंद नहीं होने दिया जाएगा, केंद्र सरकार इन्हें बचाने का पूरा प्रयास कर रही है.'
इससे पहले राज्यसभा में मोदी ने जीएसटी, अनुच्छेद-370 और भारत की अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी.
मोदी ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था के जो बेसिक मानदंड है, उनमें आज भी भारत की अर्थव्यवस्था सशक्त है, मज़बूत है और आगे जाने की ताक़त रखती है. निराश होने की ज़रूरत नहीं है.
मोदी ने कहा, "निराशा देश का भला कभी नहीं करती, इसलिए 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की बात का सुखद परिणाम यह हुआ कि जो विरोध करते हैं, उन्हें भी 5 ट्रिलियन डॉलर की बात करनी पड़ती है. हमने मानसिकता तो बदली है."
मोदी के इस बयान के बाद सदन में थोड़ा हल्ला हुआ.
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