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समाचारदेश Alert Star Digital Team Jan 27, 2020 08:00 PM

अमित शाह की मौजूदगी में केंद्र व बोडो संगठनों के बीच समझौता

अमित शाह की मौजूदगी में केंद्र व बोडो संगठनों के बीच समझौता

अमित शाह की मौजूदगी में केंद्र व बोडो संगठनों के बीच समझौता

केन्द्र सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में लोगों की भलाई और स्थायी शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधित संगठन नेशनल फ्रंट ऑफ बोड़ोलैंड (एनडीएफबी) से संबद्ध सभी धड़ों और असम सरकार के साथ साेमवार को यहां एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में यहां गृह मंत्रालय में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद साेनोवाल और एनडीएफबी के प्रतिनिधियों के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। बताया जा रहा है कि इसके बाद तमाम संगठन अपनी अलग बोडोलैंड की मांग को छोड़ देंगे।

मित शाह ने इस मौके पर कहा कि यह महत्वपूर्ण समझौता असम और बोडो समुदाय के लोगों के लिए एक स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करेगा। वर्षों से चली आ रही शत्रुता को समाप्त करने में मदद मिलेगी क्योंकि एनडीएफबी में शामिल नौ धड़ों ने इसमें हिस्सा लिया है। शाह ने कहा,' गृह मंत्री होने के नाते मैं सभी प्रतिनिधियाें को आश्वस्त कराना चाहता हूं कि किए गए सभी वादाें को तय समय सीमा में पूरा किया जाएगा।'

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज भारत सरकार, असम सरकार और बोडो संगठन के चार समूहों के बीच समझौता सुनहरे भविष्य का दस्तावेज है। साल 1987 से ये आंदोलन हिंसक बना, इसमें 2823 नागरिक संघर्ष में मारे गए हैं। 949 बोडो काडर के लोग और 239 सुरक्षाबल भी मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बोडो गुटों की मांग को मानते हुए एक अलग यूनिवर्सिटी, कुछ राजनीतिक आधार, बोडो भाषा के विस्तार पर विचार किया जा सकता है। इस दौरान NDFB संगठन के रंजन दैमिरी, गोविंदा बासुमैत्री, धीरेन बोरे और बी. सारोगैरा समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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