होम अयोध्या के लिए काशी में बन रहा चंदन की लकड़ी का बाल मंदिर, तिरपाल की जगह इसी में रहेंगे श्रीराम

समाचारअर्थ व बाजार Alert Star Digital Team Jan 27, 2020 07:38 PM

अयोध्या के लिए काशी में बन रहा चंदन की लकड़ी का बाल मंदिर, तिरपाल की जगह इसी में रहेंगे श्रीराम

अयोध्या के लिए काशी में बन रहा चंदन की लकड़ी का बाल मंदिर, तिरपाल की जगह इसी में रहेंगे श्रीराम

अयोध्या के लिए काशी में बन रहा चंदन की लकड़ी का बाल मंदिर, तिरपाल की जगह इसी में रहेंगे श्रीराम

अयोध्या में रामलला का भव्य मन्दिर बनने से पहले काशी में बाल मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। इस बात की जानकारी सोमवार को श्रीरामजन्मभूमि पुनरुद्धार समिति के उपाध्यक्ष एवं अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि रामालय न्यास के सचिव स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने सोमवार को केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में मीडिया को दी। उन्होंने बाल मंदिर के मॉडल को भी दिखाया।

उन्होंने कहा कि रामलला की महिमा के अनुरूप मंदिर में विराजमान कर देना ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती महाराज सहित शीर्ष धर्माचार्यों की प्राथमिकता में है। इसी भावना के अनुरूप स्वामी स्वरूपानंद महाराज ने अस्थायी बालमंदिर का निर्माण आरंभ कराया है। बालमंदिर चंदन की लकड़ी से आकार लेगा। 12 फुट लंबे और चौड़े मंदिर की ऊंचाई 21 फुट होगी। इसमें रामलला का स्वर्ण मंडित सिंहासन छह फुट लंबा चौड़ा और नौ फुट ऊंचा होगा।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अयोध्या के लिए मंदिर निर्माण की जगह मंदिर जीर्णोद्धार शब्द का इस्तेमाल होना चाहिए। जीर्णोद्धार होने तक बालमंदिर की व्यवस्था हमारे धर्मशास्त्रों में दी गई है। ढांचा गिरने के बाद से अदालत के निर्णय तक तो तिरपाल को हटाना संभव नहीं था। उसे बनाये रखना हमारी ‘मजबूरी’ थी। अब यथास्थिति का आदेश भी नहीं है। इसलिए मजबूरी के तिरपाल को जितनी जल्दी हटा दिया जाये उतना ही अच्छा है।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र सरकार को नियमावली बनाकर उचित ट्रस्ट को जमीन सौंपने के लिए तीन माह का समय दिया है। इसी सन्दर्भ में चारों शंकराचार्यों, पांचों वैष्णवाचार्यों और तेरहों अखाड़ों के रामालय न्यास ने केन्द्र सरकार के समक्ष मन्दिर निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता रख दी है।

बनाया जा रहा रामंदिर का नया नक्शा
देश की जनता अयोध्या में ऐसा मन्दिर चाहती है जो पूरे विश्व मे अद्वितीय हो और वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों के साथ ही साथ 21वीं सदी के निर्माण मानकों और मंदिर निर्मित होने पर बडी मात्रा में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों की आवश्यकता की दृष्टि से सर्वोत्तम हो। इसे ध्यान रख कर मन्दिर के लिये नया नक्शा बनाया जा रहा है।

Alert Star Digital Team

Alert Star Digital Team

एलर्ट स्टार नाम की पत्रिका और फिर समाचार-पत्र का जन्म हुआ। हमारा प्रयास कि हम निष्पक्ष और निडर पत्रकारिता का वह स्वरूप अपने पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करे। जो लोगो के मन मस्तिष्क में एक भरोसे के रूप में काबिज हो।

Leave A comment

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।

Recent Updates

Most Popular

(Last 14 days)