होम सीएए-एनआरसी-एनपीआर पर संसद में विपक्षी दलों की एकजुटता की कोशिश में जुटी कांग्रेस
सीएए-एनआरसी-एनपीआर पर संसद में विपक्षी दलों की एकजुटता की कोशिश में जुटी कांग्रेस
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी-एनपीआर पर विपक्षी दलों के आपसी मतभेदों के मद्देनजर कांग्रेस अब संसद सत्र के लिए इस दूरी को पाटने की पूरी कोशिश में जुट गई है। बजट सत्र में इस मुद्दे पर सरकार की संसद में मजबूत घेरेबंदी के लिए कांग्रेस विपक्षी दलों की संयुक्त सदन प्रबंधन रणनीति को सबसे अहम मान रही है। इसीलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सीएए-एनआरसी पर बुलाई बैठक में शामिल नहीं होने वाली तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और शिवसेना से लेकर सपा जैसे दलों से भी संपर्क साधा जा रहा है।
सीएए-एनआरसी-एनपीआर पर संसद में विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति ब नेगी 30 जनवरी को
राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद और उपनेता आनंद शर्मा के साथ वरिष्ठ पार्टी रणनीतिकार अहमद पटेल संसद में विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति के लिए इन दलों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इन दलों के नेताओं से अब तक हुई अनौपचारिक बातचीत में संसद के दोनों सदनों में बड़े मसलों पर सरकार से दो-दो हाथ करने के लिए संयुक्त रणनीति पर किसी तरह का विरोधाभास सामने नहीं आया है। हालांकि इस पर अंतिम सहमति 30 जनवरी को विपक्षी पार्टियों की प्रस्तावित बैठक में ही बनेगी।
कांग्रेस ने कहा- सदन में सरकार की घेरेबंदी के लिए विपक्षी पार्टियों की एकजुटता जरूरी
सीएए-एनआरसी-एनपीआर पर संसद में विपक्षी दलों की एकजुटता को कांग्रेस इसलिए भी जरूरी मान रही कि बजट सत्र का पहला चरण बेहद छोटा है। ऐसे में इन मुद्दों पर सदन में सरकार की घेरेबंदी के लिए विपक्षी पार्टियों की एकजुट ताकत जरूरी है ताकि सत्तापक्ष के संख्या बल को विरोध के सुर से चुनौती दी जा सके।
बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से शुरू होकर 11 फरवरी तक चलेगा
बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो रहा है और पहला चरण 11 फरवरी को ही समाप्त हो जाएगा। मालूम हो कि सोनिया गांधी ने 13 जनवरी को सीएए-एनआरसी-एनपीआर को लेकर विपक्षी दलों की बैठक बुलाई थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा ही नहीं यूपीए की घटक द्रमुक और नई साथी शिवसेना तक इसमें शामिल नहीं हुई थी। विपक्षी दलों का यह बिखराव कांग्रेस के लिए बड़ा झटका था और इसके मद्देनजर ही पार्टी सियासी दूरियां पाटने में लग गई है।
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