होम बजट 2020: होम लोन ब्याज पर बढ़कर चार लाख हो सकती है टैक्स छूट की सीमा
बजट 2020: होम लोन ब्याज पर बढ़कर चार लाख हो सकती है टैक्स छूट की सीमा
रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी लाने के लिए एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में कई राहत भरी घोषणाएं हो सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बार सरकार मकान खरीदारों के लिए टैक्स में ज्यादा छूट देने का एलान कर सकती है। होम लोन के ब्याज पर आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 3 से 4 लाख रुपये किया जा सकता है। अभी आयकर के सेक्शन 24 के तहत यह छूट 2 लाख रुपये है। इसके अलावा, मकान निर्माण के दौरान भी ब्याज पर छूट देने की घोषणा हो सकती है। रियल एस्टेट उद्योग और अर्थशास्त्रियों की ओर से इस संबंध में सरकार को जो प्रस्ताव मिले हैं, उसमें होम लोन के ब्याज पर आयकर छूट बढ़ाने पर जोर है। उनका मानना है कि इससे लोग ज्यादा होम लोन लेंगे, जिससे मांग बढ़ेगी। इससे अर्थव्यवस्था में पूंजी का प्रवाह भी बढ़ेगा। सरकार ने 2024 तक सबको मकान देने का वादा किया है। हालांकि, सरकार अब दावा कर रही है कि इस लक्ष्य को तय समय से हासिल कर लिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, बजट में होम लोन के मूलधन पर भी छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है। इस पर अलग से छूट देने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। सेक्शन 80सी के तहत होम लोन के प्रिंसिपल पर छूट मिलती है, जो अभी 1.5 लाख रुपये है। सूत्रों का कहना है कि सरकार चाहती है कि होम लोन पर छूट इस तरह मिले कि उसके खजाने पर ज्यादा बोझ न पड़े। साथ ही आम ग्राहकों के पास अच्छा-खासा पैसा चला जाए। इसके लिए कई प्रस्तावों पर विमर्श किया जा रहा है।
सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को बजट से काफी उम्मीदें हैं। सूत्रों ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि राजमार्ग क्षेत्र के लिए बजट आवंटन में 8,000-10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है।' पिछले बजट में इस क्षेत्र के लिए करीब 83,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पूरे देश में सड़कों का जाल बिछाना मंत्रालय की प्राथमिकता है। रोजाना सड़क निर्माण लक्ष्य को वर्तमान के 27 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 किलोमीटर प्रतिदिन करना है। इसके लिए मंत्रालय को अतिरिक्त राशि की जरूरत है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।