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मोदी भारत के राजा नहीं हैं, पाखंड और चमचागिरी की हद हैः शिवसेना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना छत्रपति शिवाजी से करने वाली किताब को शिवसेना ने पाखंड और चाटुकारिता की हद बताया और जोर देकर कहा कि मोदी भारत के राजा नहीं हैं। मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिवसेना ने भाजपा नेताओं को छत्रपति शिवाजी पर कुछ किताबें पढऩे की सलाह दी और कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी 17वीं सदी के मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी से तुलना पसंद नहीं आई होगी। इसमें कहा गया कि महाराष्ट्र में गुस्से की लहर है लेकिन यह प्रधानमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि आज का शिवाजी: नरेंद्र मोदी किताब के खिलाफ है। किताब भाजपा के नेता जय भगवान गोयल ने लिखी है। इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने किताब की आलोचना की और मोदी की तुलना शिवाजी महाराज से किए जाने को अपमान बताया।शिवसेना ने संपादकीय में लिखा, गुस्से की लहर मोदीजी के खिलाफ नहीं बल्कि किताब के खिलाफ है, यह अपने आप में ढोंग और चमचागिरी की हद है।इसमें लिखा गया, मोदी एक कर्तबगार और लोकप्रिय नेता हैं, देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनका कोई तोड़ नहीं। फिर भी वे देश के छत्रपति शिवाजी हैं क्या? उन्हें छत्रपति शिवराय का स्थान देना सही है क्या? इसका उत्तर एक स्वर में यही है, नहीं नहीं! उनकी तुलना जो लोग शिवाजी महाराज से कर रहे हैं उन्होंने छत्रपति शिवाजी राजे को समझा ही नहीं। प्रधानमंत्री मोदी को भी ये तुलना पसंद नहीं आई होगी। लेकिन अति उत्साही भक्त नेताओं के लिए अक्सर परेशानी खड़ी कर देते हैं। ये मामला भी कुछ ऐसा ही है।
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