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जांच के लिए SIT गठित, यूपी के एडिशनल एसपी से भी होगी पूछताछ
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों मे हुई मौत मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाते हुए उचित ढंग से जांच के आदेश दिये हैं। उसके बाद यूपी पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित कर दी है। प्रयागराज के डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने इस विशेष जांच दल(SIT) का नेतृत्व डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान को सौंपा है। उधर पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भरोसा दिलाया कि इस घटना का पर्दाफाश होगा और दोषी को अवश्य सजा मिलेगी।
जांच के दायरे में कई बड़े नाम
सूत्रों के मुताबिक, यूपी पुलिस के एडिशनल एसपी ओपी पांडे भी जांच के दायरे में आ गए हैं। प्रयागराज पुलिस जल्द ही ओपी पांडे से पूछताछ करेगी। इनके अलावा सपा नेता इंदु प्रकाश मिश्रा और बीजेपी नेता सुशील मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक एडिशनल एसपी ओपी पांडे को पुलिस गुरुवार को प्रयागराज बुला सकती है। वहीं पुलिस सपा और बीजेपी नेता के बयान कल दर्ज कर सकती है।
महंत नरेन्द्र गिरि की मौत से क्या है इनका कनेक्शन?
दरअसल महंत नरेन्द्र गिरि और आनंद गिरि के बीच हुए विवाद के बाद 26 मई को दोनों के बीच लिखित समझौता हुआ था। इस दौरान वहां तीन लोग मौजूद थे - बीजेपी नेता सुशील मिश्रा, सपा नेता इंदु प्रकाश मिश्रा और एडिशनल एपी ओ पी पांडे। पुलिस के मुताबिक, ओपी पांडेय ने ही मई महीने में महंत नरेंद्र गिरि और आनंद गिरि के बीच मध्यस्थता कराई थी। एडिशनल एसपी ओपी पांडे दोनों संतों के बेहद करीबी माने जाते थे। मध्यस्थता कराने वालों में समाजवादी पार्टी के नेता इंदु प्रकाश मिश्रा और बीजेपी नेता सुशील मिश्रा भी शामिल थे। यह दोनों भी महंत नरेंद्र गिरि के बेहद करीबी माने जाते थे। सुशील मिश्रा पहले बहुजन समाज पार्टी में थे और साल 2016 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
पुलिस इनसे आनंद गिरि और महंत नरेन्द्र गिरि के रिश्तों को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि जब इन तीन लोगों ने लखनऊ में समझौता कराया था, तो फिर विवाद आगे क्यों जारी रहा। पुलिस का कहना है कि जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि गुरु चेले के बीच विवाद के पीछे साजिश रचे जाने की जो बात सामने आई थी, आखिर वह क्या है। माना जा रहा है कि इन तीनों लोगों के बयान के आधार पर पुलिस को कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
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