होम Amitabh Kant on Supreme Court: SC ने सांस लेने से ज्यादा पटाखे जलाने को दी अहमियत, दिल्ली के खतरनाक AQI पर भड़के अमिताभ कांत
नीति आयोग के पूर्व सीईओ और जी20 सम्मेलन में भारत के शेरपा रह चुके अमिताभ कांत ने दिल्ली की बिगड़ती हवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट पर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि राजधानी की वायु गुणवत्ता पूरी तरह चरमरा चुकी है और..
Amitabh Kant on Supreme Court: नीति आयोग के पूर्व सीईओ और जी20 सम्मेलन में भारत के शेरपा रह चुके अमिताभ कांत ने दिल्ली की बिगड़ती हवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट पर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि राजधानी की वायु गुणवत्ता पूरी तरह चरमरा चुकी है और अब स्थिति गंभीर स्वास्थ्य आपदा में बदल रही है.
अमिताभ कांत ने कहा —
“दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पूरी तरह चरमरा चुकी है. राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में AQI 400 के पार है. माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने विवेक में पटाखे जलाने के अधिकार को जीने और सांस लेने के अधिकार से ऊपर रखा है.”
उन्होंने एक्स (Twitter) पर लिखा कि दिल्ली आज भी दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानियों में शामिल है और अब केवल कड़े व लगातार प्रयासों से ही शहर को इस पर्यावरणीय संकट से निकाला जा सकता है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2025 को दोपहर 1 बजे दिल्ली का AQI 357 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. दिवाली की रात के बाद शहर के कई इलाकों में जहरीली धुंध की मोटी परत छाई रही, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की शिकायतें हुईं.
Delhi’s air quality lies in shambles: 36/38 monitoring stations have hit the 'red zone,' AQI is above 400 in key areas. The Hon. Supreme Court in its wisdom has prioritised the right to burn crackers over the right to live and breathe. Delhi remains among the world’s most…
— Amitabh Kant (@amitabhk87) October 21, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में ग्रीन पटाखे जलाने की सशर्त अनुमति दी थी. कोर्ट ने कहा था कि यह फैसला पर्यावरणीय चिंताओं और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए लिया गया है.
दिवाली की दो रातों के लिए सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति थी, लेकिन कई इलाकों में आधी रात के बाद तक पटाखों की आवाजें सुनाई देती रहीं.
अमिताभ कांत ने आगे लिखा —
“अगर लॉस एंजेलिस, बीजिंग और लंदन जैसे शहर अपने प्रदूषण स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं, तो दिल्ली क्यों नहीं? अब वक्त है कठोर कदम उठाने का, वरना आने वाली पीढ़ियों की सेहत पर इसका खामियाजा पड़ेगा.”
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।