होम जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा.., CM योगी के विदेशी दौरे पर अखिलेश यादव का करारा तंज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही निवेश और तकनीक के सिलसिले में सिंगापुर और जापान के अहम दौरे पर जाने वाले हैं। लेकिन उनके इस विदेशी दौरे के शुरू होने से पहले ही सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही निवेश और तकनीक के सिलसिले में सिंगापुर और जापान के अहम दौरे पर जाने वाले हैं। लेकिन उनके इस विदेशी दौरे के शुरू होने से पहले ही सूबे का सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सीएम योगी के इस दौरे पर करारा तंज कसा है। अखिलेश ने इस यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले का 'मनसुख-पर्यटन' (Pleasure Trip) करार दिया है और सलाह दी है कि सीएम वहां से शहरों को आगे बढ़ाने का सकारात्मक सबक लेकर आएं।
काशी और क्योटो की तुलना पर दागे सवाल
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा, जिससे ये पता चल सके कि प्रधान-संसदीय क्षेत्र काशी, क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी।" 2027 के चुनावों के संदर्भ में सपा चीफ ने तंज कसते हुए आगे कहा कि अपने कार्यकाल की 'चला-चली की बेला' (अंतिम वर्ष) में सीएम कौन सा जापान का अध्ययन कर लेंगे और क्या ही नई योजना बना पाएंगे। अगर वे इसे पर्यटन मान लें, तो कम से कम जाते-जाते एक सच बोलने के लिए लोग उन्हें याद रखेंगे।
क्या है सीएम योगी का शेड्यूल?
सियासी बयानबाजी से इतर, आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक सीएम योगी 22 फरवरी 2026 को सिंगापुर और जापान की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं।
हवा में तैरने वाली 'मैग्लेव ट्रेन' का करेंगे सफर
सीएम योगी के जापान दौरे का सबसे बड़ा और खास आकर्षण वहां की अत्याधुनिक ‘मैग्लेव’ (Magnetic Levitation) ट्रेन की यात्रा होगी। यह ट्रेन पहियों पर नहीं, बल्कि चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरियों से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है। मुख्यमंत्री इस हाईस्पीड ट्रेन में पूरे 100 किलोमीटर (50 किमी जाना और 50 किमी आना) की परीक्षण यात्रा करेंगे। इस सफर को केवल तकनीकी जिज्ञासा नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश में भविष्य के आधुनिक परिवहन ढांचे (Modern Transport Infrastructure) की संभावनाएं तलाशने के अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।