होम UBT में टूट की खबरों के बीच अखिलेश यादव की उद्धव ठाकरे को नसीहत, बोले- ‘बीजेपी से लड़ना है तो बहादुर टीम चाहिए’
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) को लेकर चल रही उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उद्धव ठाकरे को अहम सलाह दी है।
महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) को लेकर चल रही उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उद्धव ठाकरे को अहम सलाह दी है। शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच अखिलेश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए मजबूत और बहादुर लोगों की टीम होना जरूरी है।
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान Akhilesh Yadav ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री Uddhav Thackeray को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी दल को बीजेपी के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना है तो उसके साथ ऐसे लोग होने चाहिए जो दबाव या लालच में न आएं। अखिलेश का यह बयान ऐसे समय आया है जब शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के Eknath Shinde के संपर्क में होने की चर्चाएं चल रही हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान जब समाजवादी पार्टी में संभावित टूट को लेकर सवाल पूछा गया तो अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी को आने वाले समय में समाजवादी पार्टी से राजनीतिक चुनौती मिलने वाली है, इसलिए ऐसी चर्चाएं पैदा की जा रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि बीजेपी पहले भी कई राजनीतिक दलों में विभाजन करा चुकी है और विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों के नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करती रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी अतीत में समाजवादी पार्टी के कई विधायक, एमएलसी और राज्यसभा सदस्य दूसरी पार्टियों में गए थे।
उन्होंने कहा, "क्या स्वार्थ रहा होगा? क्या लालच रहा होगा? क्या डर रहा होगा? जो डर जाएगा वो अपना दल छोड़ के चला जाएगा।"
सपा प्रमुख ने संकेत दिया कि राजनीतिक दलों में टूट अक्सर दबाव, डर या व्यक्तिगत हितों के कारण होती है।
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह बीजेपी के विधायकों या नेताओं को तोड़ने की राजनीति नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, "आपको याद होगा पिछली बार भी प्रेसवार्ता में ही मैंने कहा था कि अब भारतीय जनता पार्टी को मैं नहीं तोडूंगा. उनके विधायकों को नहीं लेंगे."
सपा प्रमुख का दावा है कि बीजेपी स्वयं अन्य दलों के नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करती है, जबकि समाजवादी पार्टी संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब Om Prakash Rajbhar लगातार यह दावा कर रहे हैं कि समाजवादी पार्टी के भीतर भी असंतोष है और भविष्य में राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
हालांकि सपा प्रमुख ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी मजबूत है और कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव का सामना कर चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि समाजवादी पार्टी बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है।
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