होम असम को लव जिहाद और लैंड जिहाद की धरती नहीं बनने देंगे, चुनावी मंच से CM योगी का बड़ा संदेश
असम विधानसभा चुनाव 2026 के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारपेटा विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। सभा में उन्होंने असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए राज्य को पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बताया।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारपेटा विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। सभा में उन्होंने असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए राज्य को पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बताया।
उन्होंने कहा कि असम की भूमि सदियों से गौरवशाली परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों की प्रतीक रही है और देशभर के श्रद्धालु मां कामाख्या के दर्शन के लिए यहां आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह असम की जनता से संवाद करने और विकास के मुद्दों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यहां पहुंचे हैं।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा, "असम को लव जिहाद और लैंड जिहाद की धरती नहीं बनने देंगे."
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस और यूडीएफ पर आरोप लगाते हुए कहा, "डेमोग्राफी बदलने की कांग्रेस और यूडीएफ की साजिश को सफल नहीं होने देंगे. असम को घुसपैठियों का अड्डा नहीं बनने देंगे, ये केवल एनडीए की सरकार कर सकती है."
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि असम से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आंदोलन से जुड़े थे। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भगवान राम के अस्तित्व को नकारने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "अब यूपी में नो कर्फ्यू, नो दंगा यूपी में है सब चंगा."
साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर दावा किया, "अगर किसी ने दंगा करने का दुस्साहस किया तो उसकी प्रॉपर्टी गरीबों में बांट दी जाती है. घुसपैठियों और दंगाइयों का कोई अधिकार नहीं होता है."
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में NDA सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार देश की संस्कृति, विरासत और सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ सुशासन और विकास को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में असम में अराजकता, दंगे और घुसपैठ को बढ़ावा मिला, जबकि पिछले दस वर्षों में NDA सरकार राज्य के विकास और स्थिरता के लिए काम कर रही है।
असम में चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की लगातार रैलियां राजनीतिक मुकाबले को और दिलचस्प बना रही हैं। भाजपा सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि विपक्ष सरकार की नीतियों को चुनौती दे रहा है। ऐसे में आने वाले मतदान को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
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