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रामचरितमनास पर बयान देकर फंसे स्वामी प्रसाद मौर्य
रामचरितमानस पर बयान को लेकर सपा नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य फंस गए हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
स्वामी प्रसाद मौर्य पर चार गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। भाजपा कार्यकर्ता की तहरीर पर यह कार्रवाई हुई है। बाजारखाला चित्ताखेड़ा निवासी शिवेंद्र मिश्र भाजपा नगर कार्य समिति के सदस्य हैं।
कोतवाली में दी गई तहरीर में उन्होंने लिखा है कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने रामचरितमानस के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी कर जनभावनाओं को ठेस पहुंचाई है। सोशल मीडिया के जरिए शिवेंद्र को सपा नेता के बयान के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी। डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि शिवेंद्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
चार गंभीर धाराओं में मुकदमा
वहीं, सपा नेता के खिलाफ 295-ए धार्मिक भावना को आहत करने, 153-ए धार्मिक भावना को ठेस पहुंचा कर शांति भंग करना, 505 (2) घृणा पैदा करने के उद्देश्य से बयान देना और 504 शांति भंग करने का इरादा रखने की धाराएं लगाई गई हैं। शिवेंद्र का दावा है कि आरोपी सपा नेता के बयान को लगातार सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जा रहा है। जिससे एक समुदाय की भावना को आघात लगा है।
क्या दिया बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य ने रविवार को कहा था कि रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों में जाति, वर्ण और वर्ग के आधार पर यदि समाज के किसी वर्ग का अपमान हुआ है तो वह निश्चित रूप से धर्म नहीं है। यह अधर्म है, जो न केवल भाजपा बल्कि संतों को भी हमले के लिए आमंत्रित कर रहा है। मौर्य ने कहा था कि रामचरित मानस की कुछ पंक्तियों में तेली और कुम्हार जैसी जातियों के नामों का उल्लेख है जो इन जातियों के लाखों लोगों की भावनाओं को आहत करती हैं। उन्होंने मांग की कि पुस्तक के ऐसे हिस्से पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, जो किसी की जाति या किसी चिह्न के आधार पर किसी का अपमान करते हैं।
स्वामी प्रसाद का पुतला दहन, संतों ने भी किया विरोध
रामचरितमानस पर बयान को लेकर स्वामी प्रसाद का विरोध बढ़ता ही जा रही है। भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को वीर विनय चौराहे पर सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या का पुतला फूंका। कहा है कि उनके विवादित बयान से हिंदुओं के धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्या के खिलाफ देर तक नारेबाजी की।
औरैया में रामचरित मानस पर टिप्पणी करने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का युवाओं ने पुतला फूंका। प्रदर्शन के पूर्व सुंदर कांड का भी पाठ हुआ। देवकली धाम मंदिर के परिसर में सनातन धर्म से जुड़े लोग एकत्रित हुए। सभी ने सुंदर कांड का पाठ किया। चार बजे मंगला काली चौराहा औरैया पर स्वामी प्रसाद मौर्या का पुतला फूंका।
माघ मेले के शिविरों में हो रहे सत्संग के दौरान भी मौर्य के बयान पर नाराजगी जताई जा रही है। शिविरों में सत्संग के दौरान संतों ने कहा कि ऐसे बयान देने वालों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की गई। सेक्टर चार के नागेश्वर धाम में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि मानस पर ऐसे लोग टिप्पणी कर रहे हैं, जिन्हें इसकी समझ ही नहीं है। मानस पर अल्पज्ञ लोग अपना ज्ञान दे रहे हैं। यह एकदम गलत है। मुख्यमंत्री से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि इन लोगों को भगवान राम की शक्ति और त्याग की समझ नहीं है।
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