होम Google को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हफ्ते भर के भीतर देना होगा 10% जुर्माना
Google को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, हफ्ते भर के भीतर देना होगा 10% जुर्माना
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और गूगल (Google) के बीच की कानूनी जंग में अमेरिकी कंपनी को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने CCI द्वारा गूगल पर लगाए गए 1,337 करोड़ रुपये के जुर्माने को सही ठहराया है और इसके साथ ही नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) द्वारा पारित आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि NCLAT ने भी CCI के जुर्माने के फैसले को सही ठहराया था। इसके साथ ही गूगल को 1,337 करोड़ रुपये के जुर्माने का 10% जमा करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गूगल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और अब यहां भी अमेरिकी कंपनी को झटका लगा है।
7 दिन का अल्टीमेटम
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) धनंजय वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले बेंच ने CCI के फैसले में दखल से इनकार करते हुए गूगल को एक हफ्ते का समय दिया है। इस एक हफ्ते में गूगल को कुल जुर्माने का 10 फीसदी देना होगा। इसके साथ ही बेंच ने गूगल की याचिका को NCLAT को वापस भेज दिया। सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT से 31 मार्च तक मामले पर फैसला करने को कहा है। आपको बता दें कि बेंच में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पूछे थे सवाल
इससे पहले सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गूगल इंडिया से पूछा था कि क्या वह भारत में उसी व्यवस्था का पालन करेगा जैसा यूरोप में एंड्रॉइड-आधारित मोबाइल स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप के संबंध में करता है। कोर्ट की इस टिप्पणी के पूर्व CCI की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एन वेंकटरमण ने बताया कि गूगल ने यूरोपीय आयोग द्वारा पारित इसी तरह के आदेश का अनुपालन किया था। एएसजी ने आरोप लगाया कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव कर रही है।
गूगल का क्या कहना है?
Google की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि अमेरिकी कंपनी बिना किसी पूर्वाग्रह के CCI के आदेश के चार पहलुओं का पालन करने को तैयार थी। हालांकि, सिंघवी ने आदेश पालन के लिए 45 दिनों का समय भी मांगा है। इसके अलावा कंपनी शुरुआती डिवाइस सेटअप के दौरान अपने डिफ़ॉल्ट सर्च इंजन को चुनने का विकल्प देने वाले ग्राहकों के लिए एक ऑप्शन स्क्रीन देने पर भी सहमत हैं। सिंघवी के मुताबिक यह चार महीने में पूरा होगा। उन्होंने बताया कि यूरोप में भी कंपनी को यह सिस्टम लागू करने के लिए नौ महीने का समय दिया गया था। बता दें कि सीसीआई ने पिछले साल अक्टूबर में गूगल से कहा था कि वह एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को ऐप्स अनइंस्टॉल (हटाने) करने की अनुमति दे और उन्हें अपनी पसंद का सर्च इंजन चुनने दे। यह आदेश 19 जनवरी से प्रभावी होना था।
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