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Chinaके साथ झड़प पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, राजनाथ बोले- सेना ने PLA को खदेड़ा
संसद के शीतकालीन सत्र में आज दोनों ही सदनों में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दरअसल, हंगामे की वजह तवांग में चीनी सेना और भारतीय सेना की झड़प थी। विपक्ष लगातार सरकार से सवाल पूछ रहा था। हालांकि, पूरे मामले पर संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया और साफ तौर पर कहा कि चीन अतिक्रमण का प्रयास कर रहा था लेकिन हमारी सेना ने बहादुरी दिखाते हुए चीन के सैनिकों को खदेड़ भेजा। दूसरी ओर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि भारत के सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को चीन खुलेआम चुनौती दे रहा है और सरकार मूकदर्शक बनकर बैठी हुई है। वहीं, संसद में आज राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का भी मुद्दा उठ गया। आज ही के दिन 31 दिसंबर 2001 को संसद पर आतंकी हमले हुए थे। इस हमले में शहीदों को आज भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई रखने का संकल्प भी लिया गया। चलिए, आज संसद में क्या कुछ हुआ है, यह हम आपको बताते हैं।कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए मंगलवार को लोकसभा में हंगामा किया। वहीं, राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर हंगामा देखने को मिला। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद को बताया कि चीन के सैनिकों ने नौ दिसंबर को तवांग सेक्टर में यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति बदलने का एकतरफा प्रयास किया जिसका भारत के जवानों ने दृढ़ता से जवाब दिया और उन्हें लौटने के लिए मजबूर किया। रक्षा मंत्री ने बताया कि इस झड़प में किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है और इस तरह की कार्रवाई के लिये मना किया गया है।
- अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के संबंध में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर स्पष्टीकरण की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने मंगलवार को राज्यसभा से वाकआउट किया। कांग्रेस के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, शिवसेना, राष्ट्रीय जनता दल, झामुमो आदि के सदस्यों ने भी सदन से वाकआउट किया।
- संसद के दोनों सदनों ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले के शहीदों को मंगलवार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। दोनों सदनों के सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ‘‘हम उस घटना का दुखद स्मरण करते हैं जब संसद पर कायरतापूर्ण हमला हुआ था। हम उन जवानों की वीरता का भी स्मरण करते हैं जिन्होंने इस हमले को विफल कर दिया।’’ उधर, राज्यसभा की कार्यवाही कार्यवाही शुरू होते ही उपसभापति हरिवंश ने कहा कि 13 दिसंबर को स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे खराब दिन के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 साल पहले 2001 में आतंकवादियों ने लोकतंत्र के इस मंदिर पर हमला कर दिया था लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने वीरता और बहादुरी का परिचय देते हुए संसद की रक्षा की और हमारे देश की आत्मा पर हमला करने के आतंकवादियों के दुस्साहसिक प्रयास को विफल कर दिया।
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