होम जानें अचानक पेट्रोल-डीजल में क्यों की गई कटौती, क्या है इसके पीछे की वजह
जानें अचानक पेट्रोल-डीजल में क्यों की गई कटौती, क्या है इसके पीछे की वजह
लगातार बढ़ रही महंगाई ने लोगों का जीना दूभर कर रखा था कि आज पेट्रोल-डीजल के दामों में की गई कटौती से थोड़ी राहत मिली है। लेकिन सभी के मन में एक सवाल आया होगा कि अचानक सरकार को ऐसा क्यों करना पड़ा। एक दम 8-9 रूपये की कटौती क्यों करनी पड़ी। तो चलिए आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देते है।
चुनाव बनते है निशाना
अक्सर हम देखते है कि जब भी किसी राज्य के चुनाव नजदीक आते है। वैसे ही पेट्रोल-डीजल के दामों में कटौती की जाती है। फिर जैसे ही चुनाव खत्म हो जाते है। दाम फिर से आसमान छूने लगते है। ऐसे ही यूपी विधानसभा चुनाव में देखने को मिला। नजदीकी चुनाव में पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आनी शुरू हो गई थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही दाम आसमान छूने लगे और 100 के पार रेट पहुंच गए थे।
थोक महंगाई 1998 के बाद चरम पर
कोविड के समय दुनिया भर में सप्लाई चेन की जो दिक्कत शुरू हुई। वो रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते सुधर नहीं पाई। इसका असर ये हुआ कि देश में महंगाई अपने चरम स्तर पर पहुंच गई। अगर बात थोक महंगाई की करें तो बीते एक साल से इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। फरवरी 2022 में इसमें थोड़ी नरमी देखी गई, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते इसमें फिर से बढ़त देखी जाने लगी।
RBI की लिमिट से बाहर खुदरा महंगाई
इस बीच रिटेल मार्केट में भी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं।अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई दर 7.79% रही और ये मई 2014 के बाद खुदरा महंगाई का सबसे उच्च स्तर है। महंगाई का आलम ये है कि आरबीआई को मई में मौद्रिति नीति समिति की आपात बैठक बुलानी पड़ी और रेपो रेट में 0.40% की बढ़ोतरी करनी पड़ी। लगभग 2 साल बाद RBI ने रेपो रेट से छेड़छाड़ की और अब ये 4.40% हो गई खुदरा महंगाई को बढ़ाने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बड़ा असर होता है।
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