होम यूपी पंचायत चुनाव पर नया ट्विस्ट, नहीं हुए चुनाव तो बढ़ सकता है प्रधानों का कार्यकाल-राजभर का बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगर समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगर समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
लखनऊ के लोहिया सभागार में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान राजभर ने कहा, 'अगर समय पर जिला पंचायत अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों और प्रधानों के चुनाव नहीं हो पाते है तो ऐसी उनके कार्यकाल को और बढ़ाया जा सकता है.'
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में पदेन पदाधिकारियों को ही प्रशासक बनाकर व्यवस्था चलाई जा सकती है।
राजभर ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव से जुड़ा मामला फिलहाल Allahabad High Court में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट चुनाव कराने का आदेश देता है, तो सरकार पूरी तरह तैयार है और विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मंत्री ने बताया कि अगर चुनाव समय पर नहीं हो पाए, तो राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों की तर्ज पर कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के सामने रखा जाएगा और उसे लागू कराने की कोशिश की जाएगी।
राजभर के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद ब्लॉक प्रमुखों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई लोगों ने नारेबाजी और हंगामा करते हुए कहा कि अगर चुनाव में देरी होती है, तो विभाग को कोर्ट का रुख करना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले दिए गए आश्वासन भी पूरे नहीं हुए हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या समय पर चुनाव हो पाएंगे। अगर चुनाव नहीं होते हैं, तो ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी प्रशासकीय समिति को सौंपी जा सकती है या फिर मौजूदा पदाधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
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