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प्रादेशिकीउत्तर-प्रदेश Alert Star Digital Team May 22, 2023 09:12 PM

साधु-संत के भेष में घूमने वाले आतंकवादी, स्वामी प्रसाद के बयान से फिर मचेगा बवाल?

साधु-संत के भेष में घूमने वाले आतंकवादी, स्वामी प्रसाद के बयान से फिर मचेगा बवाल?

साधु-संत के भेष में घूमने वाले आतंकवादी, स्वामी प्रसाद के बयान से फिर मचेगा बवाल?

अक्सर विवादित बयानों से चर्चा में रहने वाले सपा नेता और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर विवादित बयान दे डाला। साधु-संतों को लेकर दिए गए स्वामी का ये बयान सियासत में भूचाल ला सकता है।

साधु-संतों पर हमलावर हुए स्वामी ने कहा, रामचरितमानस को लेकर बयान देने के बाद उनकी हत्या करने के लिए साजिश रची गई थी। इतना ही नहीं उनकी चीभ, हाथ और सिर काटकर लाने वालों को इनाम देने की भी घोषणा की गई थी। स्वामी ने कहा, उनका सिर काटकर लाने वालों को 21 लाख, 51 लाख और 51 करोड़ रुपये का इनाम देने तक का ऐलान किया गया। उन्होंने कहा, इस तरह की घोषणा करने वाले लोग संत नहीं, गेरुआ वस्त्र पहनने वाले आतंकवादी चेहरे हैं। स्वामी ने आगे कहा, देश संविधान से चलेगा किसी बाबा के बयान से नहीं।

गाजीपुर के राम प्रसाद कुशवाहा स्मारक इंटर कॉलेज छावनी लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए स्वामी प्रसाद ने कहा, जब रामचरित मानस की कुछ चौपाई पर आपत्ति जताई तो उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने कहा, धर्म की आड़ में किसी को नींच नहीं कहा जा सकता। इस दौरान स्वामी ने एक ट्वीट भी किया, जिसमें लिखा, हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले लोग, राष्ट्र के दुश्मन व संविधान विरोधी हैं क्योंकि हिंदू राष्ट्र की मांग से जहाँ एक ऒर देश के बंटवारे का फिर से बीज बो रहें हैं, वहीं दूसरी ऒर संविधान विरोधी बात कर संविधान का अपमान भी कर रहें हैं। ऐसे लोगों से देश की जनता को सावधान रहना है।

धीरेंद्र शास्त्री पर भी भड़के स्वामी

गाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर भी भड़क गए। उन्होंने कहा, मच्छरों और मक्खियों के भिनभिनाने से बादलों की आवाज नहीं निकल सकती हैं। उन्होंने आगे कहा, नक्कारखाने में तूती की आवाज बाबा नहीं हजार की संख्या में लोग बोलेंगे तो देश की जनता संज्ञान नहीं लेगी।

वर्तमान में और प्रासंगित हो गए बुद्ध के विचार

बुद्ध के विचार पूर्व में भी प्रासंगिक थे और आज के वर्तमान परिवेश में तो और भी प्रासंगिक हो गए हैं। उनके बताए पंचशील के पाठ व अष्टांगिक मार्ग से ही हम सबका भला होगा। मानवता का संदेश दिया जा सकेगा। बुध के संदेशों से भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधा जा सकता है। हमारा देश फिर से विश्व गुरु बन सकता है। नेपाल सरकार में मंत्री रहे के समान शाक्य ने कहा कि भारत नेपाल के संबंधों को बुध के विचारों द्वारा ही प्रकार किया जा सकता है। एक दूसरे की प्रगति में भी सहयोग किया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष डा. रविंद्र मौर्य ने भगवान गौतम बुद्ध के धमकी वर्तमान भारत में प्रासंगिकता पर विचार रखा गया उन्होंने कहा कि बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर ही हमारा देश एकता के सूत्र में बढ़ सकता है। जाति संप्रदाय से ऊपर उठकर मानवता के गुण से भर सकता है। पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि बुद्ध के धम्म की प्रासंगिकता जितना ढाई हजार वर्ष पहले थी उतनी ही आज भी है। समाज में फैल रही द्वेष की भावना कांत बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है।

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