होम किस हद तक सामान्य हुए हालात, बाहरी लोग अब जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद रहे या नहीं? सरकार ने बताया
किस हद तक सामान्य हुए हालात, बाहरी लोग अब जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीद रहे या नहीं? सरकार ने बताया
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोगों की ओर से जमीन खरीदारी से जुड़े आंकड़े शेयर किए हैं। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा में इसे लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 3 साल के दौरान 185 बाहरी लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी है।
राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, 'जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से मिली सूचना के अनुसार 2020, 2021 और 2022 के दौरान केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में कुल 185 लोगों ने जमीन खरीदी है।'
नित्यानंद राय ने बताया कि 2020 में एक बाहरी व्यक्ति ने जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी जबकि 2021 में 57 और 2022 में 127 लोगों ने जमीन खरीदी। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित लद्दाख से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 3 साल के दौरान बाहर के किसी व्यक्ति ने वहां जमीन नहीं खरीदी है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों सहित किसी भी भारतीय कंपनी ने लद्दाख में निवेश नहीं किया है। राय ने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान जम्मू-कश्मीर में बहुराष्ट्रीय कंपनियों सहित 1,559 भारतीय कंपनियों ने निवेश किया है।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद का डेवलपमेंट
मालूम हो कि 5 अगस्त, 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए को निरस्त कर दिया था। साथ ही इसे 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया जो कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हैं। इसके बाद अब बाहर के कई लोगों ने पहली बार केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खरीदना शुरू किया है। इस तरह जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने के सरकार के प्रयासों की दिशा में इसे बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है। इस बीच, खबरें ऐसी भी रही हैं कि जम्मू-कश्मीर में जल्द ही विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
Leave A comment
महत्वपूर्ण सूचना -
भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।