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समाचारदेश Alert Star Digital Team Aug 20, 2026 12:18 PM

SC का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारी, स्कूल और हॉस्पिटल स्टाफ रहेंगे Labour Act के दायरे में

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी विभागों, स्कूलों और अस्पतालों समेत कई संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारी श्रम कानूनों के दायरे में बने रहेंगे।

SC का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारी, स्कूल और हॉस्पिटल स्टाफ रहेंगे Labour Act के दायरे में

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी विभागों, स्कूलों और अस्पतालों समेत कई संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारी श्रम कानूनों के दायरे में बने रहेंगे। इस फैसले से देशभर में बड़ी संख्या में सरकारी और अन्य संस्थानों के कर्मचारियों पर असर पड़ने की संभावना है।

9 जजों की बेंच ने उद्योग की परिभाषा पर दिया फैसला

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 9 जजों की बेंच ने की, जिसमें 6 जजों ने माना कि यह मामला 9 जजों की सुनवाई के योग्य था। कोर्ट ने उद्योग की पहचान के लिए 1978 में दिए गए फैसले में निर्धारित Triple Test को बरकरार रखा है।

हालांकि, अदालत ने माना कि समय के साथ इस टेस्ट के कुछ हिस्सों को और स्पष्ट करने की आवश्यकता है। विस्तृत फैसले में Triple Test की व्याख्या को नए तरीके से समझाया जा रहा है, ताकि यह तय करने में अधिक स्पष्टता रहे कि किसी संस्था या गतिविधि को 'उद्योग' की श्रेणी में रखा जा सकता है या नहीं।

पुराने मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में अंतिम निर्णय पहले ही दिया जा चुका है, उन्हें इस फैसले के आधार पर दोबारा नहीं खोला जाएगा।

वहीं, Industrial Disputes Act के तहत अदालत, ट्रिब्यूनल या Labour Authority के सामने अभी लंबित मामलों का फैसला 1978 में दिए गए फैसले के आधार पर किया जा सकता है। इससे पुराने और लंबित श्रम विवादों को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।

1978 के फैसले में क्या तय हुआ था?

साल 1978 में सुप्रीम कोर्ट ने 'उद्योग' की एक व्यापक परिभाषा तय की थी। इसके तहत स्कूल, अस्पताल और सरकारी विभागों सहित ऐसी कई संस्थाओं को 'उद्योग' के दायरे में रखा गया था, जहां नियोक्ता और कर्मचारी के बीच काम का संबंध मौजूद है।

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले में इस पुराने सिद्धांत को बरकरार रखा गया है, हालांकि Triple Test के कुछ पहलुओं की व्याख्या को अधिक स्पष्ट किया गया है।

सरकारी विभागों और स्कूल-हॉस्पिटल कर्मचारियों को राहत

इस फैसले का सीधा असर सरकारी विभागों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य ऐसे संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ेगा, जहां पारंपरिक अर्थों में कोई वस्तु उत्पादन नहीं होता। ऐसे कर्मचारियों के लिए श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकारों और सुरक्षा का दायरा जारी रहेगा।

कई राज्य सरकारों और सरकारी विभागों की ओर से सुप्रीम कोर्ट से 1978 के फैसले में बदलाव करने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने व्यापक तौर पर उस व्यवस्था को बनाए रखा है, जिससे इन संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

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