होम RSS: अब नहीं होंगे प्रांत प्रचारक, RSS में होने जा रहा ऐतिहासिक बदलाव, जानिए क्या है नया प्लान?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने गठन के 100 साल पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर संगठन के ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रहा है। संघ की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुकूल बनाने के लिए एक नया प्रस्ताव तैयार किया गया है।
नई दिल्ली/नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने गठन के 100 साल पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर संगठन के ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रहा है। संघ की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुकूल बनाने के लिए एक नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत संघ की दशकों पुरानी 'प्रांत प्रचारक' (Province Pracharak) की व्यवस्था को समाप्त कर उसकी जगह 'संभाग प्रचारक' (Divisional Pracharak) और 'राज्य प्रचारक' की नई संरचना लागू की जाएगी।
प्रस्तावित नई संरचना के मुताबिक, अब संघ में प्रांत प्रचारक का पद नहीं होगा। उनकी जगह 'संभाग प्रचारक' जिम्मेदारी संभालेंगे, जिनका कार्यक्षेत्र पुराने प्रांत प्रचारकों की तुलना में छोटा और अधिक केंद्रित होगा।
उत्तर प्रदेश के उदाहरण से इस बदलाव को आसानी से समझा जा सकता है:
सिर्फ निचले स्तर पर ही नहीं, बल्कि ऊपरी स्तर पर भी बड़े बदलाव होंगे। वर्तमान में देश में संघ के 11 क्षेत्र प्रचारक हैं, जिनकी संख्या घटकर अब 9 रह जाएगी।
इस पुनर्गठन के बाद पूरे देश में करीब 75 संभाग प्रचारक होंगे, जो जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करेंगे। संघ का यह कदम शताब्दी वर्ष में संगठन को प्रशासनिक इकाइयों के करीब लाने और समन्वय को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
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