होम मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही मोदी सरकार, सिरोही में कांग्रेस ने शुरू किया बड़ा आंदोलन
राजस्थान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के भविष्य को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर मनरेगा को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने और धीरे-धीरे बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है।
राजस्थान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के भविष्य को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर मनरेगा को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने और धीरे-धीरे बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी के विरोध में रविवार को सिरोही जिले के पिंडवाड़ा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभा भवन में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम जनआंदोलन’ के तहत एक दिवसीय उपवास रखकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं प्रदेश प्रभारी एवं पीसीसी महासचिव अंजना मेघवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों को ग्रामीण गरीबों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने इसे एक कानूनी अधिकार बनाया था, लेकिन मौजूदा सरकार इसे खत्म करना चाहती है। बजट आवंटन में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए अंजना मेघवाल ने कहा, "पहले जहां पूरा बजट केंद्र सरकार देती थी, वहीं अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर डाल दी गई है, जिससे साफ जाहिर होता है कि सरकार की मंशा मनरेगा से पल्ला झाड़ने की है." उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएं क्योंकि कांग्रेस इस योजना को किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने देगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष लीलाराम गरासिया ने सिरोही के साथ मनरेगा के ऐतिहासिक जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि सिरोही देश के उन चुनिंदा जिलों में था, जहां सबसे पहले यह कानून लागू हुआ था, जिससे मजदूरों का पलायन रुका था। बीजेपी सरकार पर अमीरों की तरफदारी का आरोप लगाते हुए गरासिया ने कहा, "जब सभी रोजगार के साधन बंद हो गए थे, तब मनरेगा ही ग्रामीण गरीबों के लिए जीवन जीने का आधार बना था." उन्होंने कहा कि ऐसी जीवनदायिनी योजना को बंद करने की सोचना अमानवीय है।
आंदोलन को विस्तार देते हुए कांग्रेस ने अब इसे जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है। गरासिया ने जानकारी दी कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव, ढाणी और वार्ड स्तर पर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। इस अभियान के तहत 'VB-GRAM-G' विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई जाएगी। उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर आर-पार की लड़ाई का संकल्प लिया।
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