होम PoK में नई नाकेबंदी! 56 मौतों के बाद भी नहीं थमा आंदोलन, अब राशन से भरे ट्रकों की एंट्री पर रोक
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 9 जून से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन का आज नौवां दिन है और बताया जा रहा है कि 70 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी रावलकोट के ईदगाह मैदान में अपनी 38 मांगों को लेकर डटे हुए हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी जनआंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 9 जून से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन का आज नौवां दिन है और बताया जा रहा है कि 70 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी रावलकोट के ईदगाह मैदान में अपनी 38 मांगों को लेकर डटे हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान सरकार और सेना पर आंदोलन को दबाने के लिए नए कदम उठाने के आरोप लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से पाकिस्तान के अन्य क्षेत्रों से आटा, चावल, फल, सब्जियां और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री लेकर PoK जाने वाले ट्रकों को विभिन्न सीमा बिंदुओं पर रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर 30 से 40 ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और पंजाब हाईवे पेट्रोल पुलिस इन वाहनों को PoK में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जून को आंदोलन शुरू होने से पहले 5 जून को प्रदर्शन के प्रमुख आयोजक सरदार उमर नजीर और उनके सहयोगी शाहजेब हबीब पर फायरिंग की गई थी। इस घटना में शाहजेब हबीब की मौत हो गई थी। इसके बाद लोगों ने उनके शव के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बताया जाता है कि 6 और 7 जून को हुई कार्रवाई के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग में 26 लोगों की मौत हुई। इसके बाद 9 और 10 जून को भिम्बर, ददियाल, कोटली, मीरपुर और रावलकोट में हुई गोलीबारी में 11 और लोगों की जान चली गई।
आंदोलन के दौरान 11 जून और 14 जून को भी प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के अनुसार, फज्र की नमाज के लिए एकत्र हुए लोगों पर फायरिंग की गई, जिसमें 11 जून को 16 लोगों और 14 जून को 3 लोगों की मौत हुई। इन घटनाओं को मिलाकर अब तक मृतकों की संख्या 56 बताई जा रही है।
आरोप है कि आंदोलन को समाप्त कराने में विफल रहने के बाद पाकिस्तान प्रशासन ने 15 जून से PoK में खाद्य सामग्री पहुंचाने वाले ट्रकों की आवाजाही रोक दी है। माना जा रहा है कि इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों पर दबाव बनाना है ताकि आंदोलन कमजोर पड़ सके।
इस बीच अवामी एक्शन कमेटी के कार्यकर्ताओं द्वारा पूछे जाने पर एक ट्रक चालक ने दावा किया कि उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों के निर्देश पर सीमा पर रोका गया है।
हालांकि, इन प्रतिबंधों के बावजूद आंदोलन में शामिल लोगों का उत्साह कम होता नहीं दिख रहा है। भारी बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रावलकोट के ईदगाह मैदान में मौजूद हैं। वहीं महिलाओं द्वारा सड़कों पर उतरकर आजादी के समर्थन में नारे लगाए जाने की भी खबरें सामने आ रही हैं।
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