होम शिवपाल को अखिलेश ने दिया एक और प्रमोशन, सौंपी बड़ी जिम्मेदारी; 2024 के लिए भी खास प्लान
शिवपाल को अखिलेश ने दिया एक और प्रमोशन, सौंपी बड़ी जिम्मेदारी; 2024 के लिए भी खास प्लान
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव यूपी से लेकर केंद्र तक बीजेपी सरकार को घेरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। मैनपुरी उप-चुनाव में डिंपल यादव के जीत दर्ज करने के बाद शिवपाल को महासचिव बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी।
अब एक बार फिर से अखिलेश चाचा शिवपाल को फिर से प्रमोशन देने की तैयारी में हैं। दरअसल, पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा में अग्रिम पंक्ति में बैठे देखे जा सकते हैं। यह शिवपाल के लिए एक और प्रमोशन होने जा रहा है, क्योंकि अभी तक वे पिछली सीट पर बैठे दिखाई देते थे।
अब आगे की लाइन में बैठने की वजह से शिवपाल यादव पर योगी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने और जनता की आवाज उठाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। यूपी विधानसभा का सत्र 20 फरवरी से शुरू हो रहा है। बैठने की व्यवस्था में बदलाव के लिए सपा के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को पत्र लिखा है। पांडे ने कहा, ''अब शिवपालजी पार्टी विधायक अवधेश प्रसाद की सीट पर पहली पंक्ति में बैठेंगे, प्रसाद अखिलेश यादव के बगल में बैठेंगे।''
किसे मिली आजम वाली सीट?
अब तक विपक्ष के नेता अखिलेश यादव के बगल वाली सीट आजम खान के लिए तय की गई थी। अब अयोध्या की मिल्कीपुर सीट से सपा विधायक प्रसाद वहां बैठेंगे। इटावा जिले की जसवंत नगर सीट से विधायक शिवपाल अब तक पिछली सीट पर बैठे नजर आते थे। राज्य विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''हमें पत्र मिल गया है। उसी के अनुसार व्यवस्था की जाएगी।''2017 के बाद से कई उतार-चढ़ाव के बाद ''चाचा-भतीजा'' (शिवपाल अखिलेश) के रिश्तों में सुधार हुआ है और पिछले साल अक्टूबर में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद से दोनों को एक साथ देखा गया है। इसी वजह से मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल यादव ने रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी। ताजा कदम दोनों नेताओं की नई मिली मित्रता का परिणाम है। बदले परिदृश्य में शिवपाल यादव और चचेरे भाई रामगोपाल यादव के रिश्ते भी बेहतर हुए हैं।
2024 लोकसभा चुनाव के लिए तैयार किया खास प्लान
विधानसभा से लेकर लोकसभा तक बीजेपी को घेरने के लिए अखिलेश यादव ने पूरी तैयारी कर ली है। सपा प्रमुख रामचरितमानस विवाद में स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ दिखाई दिए हैं, जिससे साफ हो गया है कि उनकी नजर दलित और पिछड़ा वोटबैंक पर है। इसी के मद्देनजर पार्टी अब जातिगत जनगणना करवाने की मांग करने लगी है और सड़क से लेकर सदन तक यह मुद्दा उठाने की तैयारी में है। सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान सपा प्रमुख व सदन में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव खुद इस मुद्दे को उठाएंगे। उल्लेखनीय है कि बिहार की महागठबंधन सरकार भी जातिगत जनगणना करवा रही है। राजनीतिक एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इससे उसे फायदा भी मिल सकता है। उसी राह पर चलते हुए अखिलेश ने भी जोर-शोर से जातिगत जनगणना करवाने की मांग उठाई है। इसके अलावा, 24 फरवरी से ब्लॉक स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए सपा एक अभियान भी चलाने जा रही है। इसके जरिए समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप विभिन्न जिलों में जाकर जातिगत जनगणना पर लोगों को जागरूक करेंगे। यह अभियान प्रदेश के कई जिलों में चलाया जाएगा। अखिलेश यादव के इस प्लान से साफ है कि उनकी नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर है और वे मुस्लिम के साथ-साथ पिछड़ों और दलित की भी राजनीति करने जा रहे हैं।
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