होम CM Yogi ने शहीद गुलाब सिंह लोधी को किया नमन, बोले- 32 की उम्र में दी कुर्बानी, पीढ़ियों को देती रहेगी प्रेरणा
लखनऊ के अमीनाबाद स्थित झंडे वाले पार्क में अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी ने महज 32 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।
लखनऊ के अमीनाबाद स्थित झंडे वाले पार्क में अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी ने महज 32 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अंग्रेजी हुकूमत के दौर में सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराना बेहद चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद गुलाब सिंह लोधी ने लखनऊ के झंडे वाले पार्क में तिरंगा फहराने का साहस दिखाया। अंग्रेजी शासन ने उन्हें गोलियों से भून दिया, लेकिन उनकी शहादत देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गई।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी का जन्म वर्ष 1903 में उन्नाव के एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देश को अंग्रेजी शासन से मुक्त कराने की भावना थी। इसी राष्ट्रभक्ति और जज्बे के साथ उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाना और सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराना आसान नहीं था। इसके बावजूद गुलाब सिंह लोधी ने अपने साहस का परिचय दिया और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उस समय अंग्रेजों के शासन में सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराना बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद गुलाब सिंह लोधी ने लखनऊ के झंडे वाले पार्क में तिरंगा फहराने का साहस दिखाया। अंग्रेजों ने उन्हें गोलियों से भून दिया, लेकिन उनका बलिदान देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि देश के युवाओं को उनके संघर्ष और त्याग के बारे में जानकारी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्नाव में उनके नाम पर पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नाम रखा गया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलिदानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संस्थानों और योजनाओं का नाम ऐसे महापुरुषों के नाम पर रखा जा रहा है, ताकि उनकी स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों के बीच जीवित रहें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान में प्रदेश में कई संस्थानों का नामकरण किया गया है। वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर अलीगढ़ में स्टेडियम और बदायूं में PAC की नई बटालियन का नाम रखा गया है।
इसी तरह लखनऊ में महिला PAC बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी और गोरखपुर में महिला PAC बटालियन का नाम वीरांगना कोरबाई के नाम पर किया गया है। इसके अलावा औरैया के नए मेडिकल कॉलेज का नाम अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में सामाजिक न्याय और देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के सम्मान में करीब 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
इस राशि से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छज्जा लगाने, पार्क विकसित करने, निर्माण कार्य कराने और प्रतिमाओं के संरक्षण जैसे काम किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भविष्य में भी स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के सम्मान में इसी तरह के कार्य जारी रखेगी। उन्होंने अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी को नमन करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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