होम चंद्रशेखर आजाद ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, बोले- सभी चुनावों की हो निष्पक्ष जांच
आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए सभी चुनावों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में हुए सभी चुनावों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में हुए चुनावों में गड़बड़ी की गई है और इसी आधार पर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयुक्त पर ही आरोप लग रहे हैं तो ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। चंद्रशेखर आजाद ने चुनावों में EVM के बजाय बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग भी दोहराई।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हर नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों के इसी अधिकार पर सवाल उठने लगें तो लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के लिए मतदाताओं के बीच अपना भरोसा बनाए रखना जरूरी है। चंद्रशेखर आजाद ने EVM की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर चुनाव सही तरीके से होते तो डेढ़ महीने तक ईवीएम मशीन की रखवाली करने की जरूरत नहीं पड़ती।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। पार्टी ने 26 नवंबर को अपने सभी कार्यकर्ताओं को लखनऊ पहुंचने का आह्वान किया है।
चंद्रशेखर आजाद ने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम में बहुजन समाज पार्टी से ज्यादा लोग शामिल होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से रोजाना एक रुपया जोड़ने और 26 नवंबर को लखनऊ पहुंचने की अपील की।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा प्रमुख मायावती को समर्थन देने के सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर बहन जी के पास सरकार बनाने की शक्ति हुई और उन्हें समर्थन की जरूरत पड़ी तो वह जरूर समर्थन करेंगे।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठाई। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि छात्र राजनीति से ही युवा आगे बढ़कर बड़ी राजनीति में आते हैं और राजनीति में उनकी भागीदारी का रास्ता तैयार होता है।
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