होम SIR के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा डिटेन; AISA कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्कामुक्की
चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष के देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष के देशव्यापी प्रदर्शन के आह्वान के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध जताया। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से करीब 150 मीटर पहले ही रोक दिया और कई लोगों को डिटेन कर लिया।
योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन में प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज, नेहा समेत AISA के कार्यकर्ता भी पहुंचे थे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और बाद में उन्हें बसों में बैठाकर वहां से रवाना किया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे लोगों को धरना स्थल तक नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को करीब 150 मीटर पहले ही रोक दिया और एक-एक करके डिटेन करना शुरू किया। इसके बाद प्रदर्शन स्थल के आसपास की सड़क को खाली करा दिया गया।
सबसे पहले AISA के कार्यकर्ताओं को डिटेन करके बस में बैठाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान प्रदर्शनकारियों को उठाकर बसों में बैठाते नजर आए।
छात्रों को डिटेन किए जाने के बाद योगेंद्र यादव समेत प्रदर्शन कर रहे नेताओं को भी दूसरी बस में बैठाकर वहां से रवाना किया गया।
दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर दिल्ली पुलिस की महिला पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों और छात्राओं को डिटेन किया। उन्हें तीसरी बस में बैठाकर रवाना कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को खाली करा दिया।
प्रदर्शनकारियों के बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भी पहुंची थीं। हालांकि, पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से पहले ही वह वहां से निकल गईं। मीडिया से बातचीत में महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को अपराधी कहा और उन्हें हटाने की मांग की।
मतदाताओं के मुद्दों को उठाने वाली अंजलि भारद्वाज ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि SIR की प्रक्रिया बेहद बुरी तरह से की जा रही है और इसमें काफी खामियां हैं।
इससे पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA ने शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नागरिक विरोध प्रदर्शन और जनसभा आयोजित की थी। प्रदर्शन में चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग की गई।
आयोजकों के मुताबिक, AISA की दिल्ली इकाई ने द इंडियन एक्सप्रेस की हालिया रिपोर्ट के बाद यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के समर्थन वाली AISA ने प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर नारे लगाए। भारी पुलिस तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कामकाज में कथित खामियों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए।
इस विरोध प्रदर्शन में AISA की अध्यक्ष नेहा, योगेंद्र यादव, RJD सांसद मनोज झा, CPI(ML) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य, वकील प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और नंदिता नारायण समेत कई कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने हिस्सा लिया।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब विपक्षी दल और अन्य समूह मतदाता सूची के प्रबंधन और SIR को लेकर विरोध जता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनावी प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न सवाल उठाए गए, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोकते हुए कई लोगों को डिटेन किया।
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